वाराणसी। जिले के बिजलीकर्मियों ने 334वें दिन सोमवार को निजीकरण का जमकर विरोध किया। उन्होंने राजधानी सहित प्रदेश की बिजली व्यवस्था बेपटरी होने से बचाने के लिए मुख्यमंत्री से अपील किया। कहा कि रिस्ट्रक्चरिंग के नाम पर लेसा (लखनऊ विद्युत संपूर्ति प्रशासन) में 5600 पद समाप्त किए जाने से हर वर्ग के बिजली कर्मियों में आक्रोश है। संघर्ष समिति ने कहा कि लखनऊ में बिजली व्यवस्था में लगातार गुणात्मक सुधार हो रहा है। लेकिन निजीकरण के लिए मनमाना प्रयोग कर लखनऊ की बिजली व्यवस्था को पटरी से उतारने की कोशिश की जा रही है। संघर्ष समिति ने कहा कि बिजली कर्मियों से बिना विचार विमर्श किए केवल निजीकरण की पृष्ठभूमि बनाने के लिए हजारों की तादाद में सभी वर्गों के पदों को समाप्त किया जा रहा है। सभा में ओपी सिंह, जिउतलाल, संदीप कुमार, अंकुर पांडेय आदि माैजूद रहे। संवाद