बीएचयू के सर सुंदरलाल अस्पताल और ट्रामा सेंटर से निकलने वाले बायोमेडिकल वेस्ट सहित अन्य कचरों के प्रयोग से बिजली बनाने की तैयारी चल रही है। इसके लिए जल्द ही बीएचयू प्रशासन और इजरायल की एक कंपनी के बीच समझौता भी हो सकता है।
विश्वविद्यालय स्तर पर इस समझौते की तैयारी भी शुरू हो गई है लेकिन इजरायल से इसके लिए टीम कब आएगी, इसका फैसला होना बाकी है। अस्पताल और ट्रामा सेंटर से हर दिन भारी मात्रा में कचरा/मेडिकल वेस्ट निकलता है।
इसका निस्तारण करने में लापरवाही में यूपी सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट मॉनीटिरिंग कमेटी ने पिछले महीने पांच करोड़ का जुर्माना लगाते हुए इसका भविष्य में सही प्रबंधन करने को कहा था। इसके बाद से ही विश्वविद्यालय ने जहां प्रबंधन की व्यवस्था दुरूस्त की, वहीं कुलपति ने इसके इस्तेमाल से बिजली पैदा करने की योजना बनाई और इस बारे में इजरायल की एक कंपनी से बातचीत भी चल रही है। यंत्र लगाने के लिए परिसर में जगह भी देखी जा चुकी है।