बिजली निगम के निजीकरण के विरोध में मंगलवार को कर्मचारियों ने उपकेंद्रों और कार्यालयों पर धरना दिया। इस दौरान कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री से मिलकर अपनी समस्या बताने के लिए समय मांगा था लेकिन समय नहीं मिला। अब कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री के अगले दौरे में उनसे मिलकर अपनी समस्याओं से अवगत करवाने का निर्णय लिया है। मीडिया सचिव अंकुर पांडेय ने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद भी संविदाकर्मियों की छंटनी कर बनारस बिजली व्यवस्था ध्वस्त करने का प्रयास किया जा रहा है। यह ठीक नहीं है। ऐसे में मुख्यमंत्री से मांग है कि पॉवर कारपोरेशन के बकाए की बड़ी धनराशि न देने, निजी कंपनियों पर कार्रवाई किया जाए। ओपी सिंह, एसके सिंह ने कहा कि निगम की ओर से जो भी काम निजी कंपनियों को देने की तैयारी चल रही है। उसको निरस्त किया जाना चाहिए। मायाशंकर तिवारी, राजेश सिंह,संदीप कुमार, जयप्रकाश सिंह रहे।