गाजीपुर। जनपद का बाराचवर ब्लाक शिक्षा के क्षेत्र में पिछड़ा है। ब्लॉक में एक भी राजकीय माध्यमिक विद्यालय नहीं है। ऐसे में बेटियां उच्च शिक्षा कैसे हासिल करें यह सवाल अभिभावकों को परेशान कर रहा है। उनका कहना है कि ऐसे में ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ मुहिम कैसे कारगर साबित होगी। उनकी माध्यमिक विद्यालय की मांग न तो जनप्रतिनिधियों तक पहुंच रही और न ही जिला प्रशासन तक विकास खंड में उच्च प्राथमिक विद्यालय गोसलपुर है। जबकि विद्यालय से दस किमी के दायरे में एक भी माध्यमिक विद्यालय नहीं है। उच्च प्राथमिक विद्यालयों से प्रति वर्ष 300 बच्चे जूनियर हाईस्कूल की परीक्षा पास कर निकलते हैं। इन्हें कक्षा नौ में प्रवेश के लिए दस किलोमीटर दूर जनता जनार्दन इंटर कालेज गांधीनगर अथवा हार्टमन इंटर कालेज हार्टमनपुर जाना पड़ता है। अगर सत्र में सीट भर गई तो फिर यह दूरी 12 किमी दूर बलिया जिले के चितबड़ागांव स्थित इंटर कालेज में प्रवेश के लिए बढ़ जाती है। विद्यालय दूर और आवागमन की सुविधा न होना दोनों इस क्षेत्र के लिए विकट समस्या है। दूसरे, इतनी दूर बच्चों को साइकिल से भेजना खतरे से खाली नहीं। उच्च प्राथमिक विद्यालय गोसलपुर से आठ किलोमीटर के दायरे में 12 विद्यालय संचालित हैं। इन विद्यालयों में कंपोजिट उच्च प्राथमिक विद्यालय गोसलपुर में 269 बच्चे नामांकित हैं और कक्षा-आठ में 46 बच्चे पढ़ रहे हैं। इसी तरह पिहुली में 219 और 26, गड़ार में 94 एवं 16, ताजपुर में 433 एवं 48, पहदरिया में 22 एवं 10, गोविंदपुर में 114 एवं 10, भरौली आला में 113 एवं आठ, पतार में 266 एवं 21, विशम्भरपुर में 150 एवं 15, कुशा में 37 एवं सात, शेख अलीपुर में 51 एवं छह और बेनीपुर 146 एवं 15 बच्चे अध्ययनरत हैं। खास कर बालिकाओं के कक्षा आठ के बाद आगे पढ़ने की ख्वाहिश अधूरी रह जाती है। जिला विद्यालय निरीक्षक डा. ओपी राय ने बताया कि राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के तहत प्रति पांच किलोमीटर के दायरे में राजकीय हाईस्कूल और सात किलोमीटर के दायरे में इंटरमीडिएट कालेज खोलने की व्यवस्था है। जिले में अब तक 16 राजकीय हाईस्कूल खोले जा चुके हैं। बाराचवर ब्लाक में भी विद्यालय खोलने का एक प्रस्ताव पिछले सत्र में भेजा गया था।