यही से नीचे गिरी थी बाइक
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रिंग रोड पर कटता है केक, बनते हैं रील्स व वीडियो
शिवपुर से संदहा चौराहा चौबेपुर तक रिंग रोड पर जगह-जगह युवक व युवतियां वीडियो और रील्स बनाते दिख जाते हैं। देर रात तक रिंग रोड किनारे युवाओं का समूह चार पहिया और बाइक के साथ खड़ा रहता है। कोई तलवार से केक काटता है ताे कोई बाइक से स्टंट करता है। जो कोई रोक-टोक करता है, उसके साथ मारपीट की जाती है। कई लोगों के वाहन तक तोड़े जा चुके हैं।
वीडियो बनाने के साथ कर रहे थे स्टंट
दानूपुर रिंग रोड के ओवरब्रिज से नीचे जिस बाइक के गिरने से अवर अभियंता की मौत हुई थी, उसमें भी वीडियो बनाने का मामला सामने आया है। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, बाइक पर पीछे एक युवती बैठी थी। दोनों स्टंट के बीच वीडियो बना रहे थे। इसी बीच अनियंत्रित बाइक डिवाइडर से टकराई और नीचे बाइक से जा रहे अवर अभियंता व उसके दोस्त के ऊपर जा गिरी। इस हादसे अवर अभियंता की मौत हो गई। यह मामला लापरवाही का है।
काश बात मान लेता सर्वेश...
गमगीन माहौल के बीच मां लक्ष्मीना और पिता भैरव सिंह पटेल ने कहा कि रविवार को प्रयागराज जाने से सर्वेश को रोक रहे थे। कह रहे थे कि सोमवार को जाना। हालांकि सर्वेश ने कहा कि कांवड़ियों की वजह से हाइवे की एक लेन बंद है। सोमवार को जाने में दिक्कत हाेगी। गांव के दोस्त आदित्य के साथ बाइक से प्रयागराज को निकला था। चांदमारी के पास दांदूपुर में हादसा हो गया। रेलवे के विद्युत विभाग में अवर अभियंता प्रत्येक शनिवार को घर आता था और सोमवार की सुबह प्रयागराज चला जाता था।
मां ने कहा फिर किसी और परिवार का चिराग न बुझे
मां लक्ष्मीना ने कहा कि पुल पर हादसे न हो , ऐसी व्यवस्था करनी चाहिए। भविष्य में किसी के घर का चिराग नहीं बुझना चाहिए। मेरा बेटा चला गया, जो अब कभी नहीं लौटेगा।
घटनास्थल पर मौजूद बाइक
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उपाय ढूंढने में जुटे एनएचएआई के अधिकारी
दांदूपुर फ्लाईओवर के चांदमारी अंडरपास पर हुए हादसे के बाद सोमवार को एनएचएआई के अधिकारी उपाय ढूंढने में लग गए हैं। एनएचएआई के परियोजना प्रबंधक आरएस यादव के अनुसार रिंग रोड के अंडरपास की डिजाइन और तकनीक में कोई खामी नहीं है। अनुमति मिलने के बाद निर्माण कार्य कराए गए हैं। जहां अंडरपास होता है, वहां मरम्मत के लिए खाली जगह छोड़ी जाती है। इसमें बड़े वाहन नहीं जा सकते हैं। बाइक और साइकिल के लिए सर्विस रोड दी गई है। संयोग वश ऐसा हादसा हुआ है। फिर भी जांच कर इसे रोकने के उपाय खोजे जाएंगे।
हादसे से सबक लेने की जरूत: प्रो वृंद कुमार
आईआईटी बीएचयू के सिविल इंजीनियरिंग विभाग के प्रो वृंद कुमार ने बताया कि दो सड़कें जहां धन(प्लस) के आकार में एक दूसरे को काटती हैं, वहां निचले हिस्से को अंडरपास कहते हैं। रिंग रोड की सड़क चौड़ी है। एक तरफ से वाहन आते हैं और दूसरी तरफ से जाते हैं। इन दो सड़कों के बीच में खाली जगह छोड़ते हुए डिवाइडर बनाया जाता है। मरम्मत के लिए खाली जगह भी छोड़ी जाती है। यह कोई तकनीकी खामी नहीं है। यह डिजाइन का हिस्सा है। फिर भी हादसे से सबक लेना चाहिए। सड़क पर जहां दोनों डिवाइडर का खुला हिस्सा शुरू होता और जहां खत्म होता है, उसे ईंट से जोड़ देना चाहिए। इससे हादसे की पुनरावृत्ति नहीं होगी।