बीएचयू के पत्रकारिता विभाग में डॉ. आंबेडकर पर दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी की शुरुआत की गई। मुख्य अतिथि बाबासाहेब भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय, मुजफ्फरपुर, बिहार के कुलपति प्रो. दिनेश चंद्र राय ने कहा कि समाज में दबे-कुचले और हाशिये पर खड़े लोगों की आवाज को मुखर करने के लिए डॉ. आंबेडकर ने पत्रकारिता को एक प्रभावी माध्यम बनाया। मूकनायक, बहिष्कृत भारत और जनता जैसे समाचार पत्रों के माध्यम से वंचित वर्गों की पीड़ा और संघर्ष को सामने लेकर आए। आईआईएमसी के पूर्व महानिदेशक प्रो. केजी सुरेश, नेपाल की पूर्व विदेश मंत्री डॉ. बिमला राय, प्रो. शेरोन विल्सन, प्रो. असित कुमार दास, प्रो. ओपी सिंह, डॉ. संतोष शाह, प्रो. कुंदन आर्यन, बांग्लादेश के डॉ. विलियम ज्ञानिलो, प्रो. अनुराग दवे ने विचार रखे।