कोरोना संकट की भयावहता को देखते हुए वैक्सीनेशन पर जोर दिया जा रहा है। वाराणसी में भी बड़ी संख्या में लोग वैक्सीनेशन करा भी चुके हैं। लेकिन सरकारी व निजी दफ्तरों के कई कर्मचारियों ने अब तक टीका नहीं लिया है। इस बात की जानकारी के बाद बुधवार को वाराणसी के जिलाधिकारी कौश राज शर्मा ने फरमान जारी कर दिया कि तीन दिन के अंदर टीकाकरण का प्रमाणपत्र नहीं जमा करने वालों कर्मियों का वेतन रोक दिया जाएगा।
डीएम के इस आदेश से अधिकारियों और कर्मचारियों में हड़कंप मचा है। अचानक से टीका केंद्रों पर भीड़ बढ़ गई है। वाराणसी के सभी कार्यालय के कार्यालयाध्यक्षों, चिकित्सालयों व अन्य संबंधित कार्यालयों, निगमों में कार्यरत समस्त कर्मियों को कोविड-19 वैक्सिनेशन के दोनों डोज लगवाने के निर्देश दिए गए थे।
जिलाधिकारी की समीक्षा के दौरान पाया गया कि अभी भी कोविड-19 की दोनों डोज के लाभार्थियों की संख्या काफी कम है। इसी प्रकार निजी क्षेत्र में भी दोनों डोज लगवाने वाले कर्मियों की संख्या भी काफी कम है। डीएम ने इस गंभीर लापरवाही पर कड़ा रुख अपनाते हुए जिले के सभी राजकीय और निजी क्षेत्र के सभी विभागाध्यक्षों/कार्यालयाध्यक्षों की जिम्मेदारी तय करने की चेतावनी दी।
28 अगस्त तक टीकाकरण करा कर सभी कर्मचारियों का प्रमाण पत्र प्राप्त करें। उसके बाद अपने कार्यालय का प्रमाण पत्र उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि जिन कर्मियों द्वारा टीकाकरण का प्रमाणपत्र 28 अगस्त तक जमा नहीं कराया जाता है उनका अगस्त माह का वेतन नहीं दिया जाएगा।