साप्ताहिक कार्यक्रम ‘वरुणा संध्या’ में शनिवार को सुर, लय और ताल की त्रिवेणी प्रवाहित हुई। शास्त्रीय नृत्य और संगीत की रसधारा में सभी सराबोर रहे। वाराणसी छावनी परिषद एवं दीपिका कल्चरल सोसायटी ऑफ इंडिया की ओर से कैंटोमेंट स्थित नेहरू पार्क में कार्यक्रम आयोजित किया गया। कोलकाता के युवा कथक कलाकार कौशिक माइति ने कथक की प्रभावशाली प्रस्तुति से सभी को आनंदित किया। गणेश वंदना से आरंभ कर झपताल और राग यमन में पारंपरिक कथक के बाद तराना प्रस्तुत किया। कौशिक माइति ने द्रौपदी की लाज रक्षा का गतभाव, भजन ‘श्री रामचंद्र कृपालु भजमन...’ के बाद शिव तांडव पेश किया। कलाकारों को सोसाइटी के अध्यक्ष अजय गुप्ता और छावनी परिषद के प्रमुख अजय सिंह ने सम्मानित किया। संचालन तनुज कुमार वर्मा तथा धन्यवाद ज्ञापन अभियंता सचिन कुमार श्रीवास्तव ने किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में कला प्रेमी, स्थानीय नागरिक और पर्यटन उद्योग से जुड़े लोग उपस्थित रहे। उपस्थित दर्शकों ने एक स्वर में कहा कि ‘वरुणा संध्या’ जैसे आयोजन न केवल भारतीय शास्त्रीय संगीत और नृत्य की परंपरा को जीवंत रखते हैं, बल्कि नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने का भी सशक्त माध्यम बनते हैं।