हंगामे के बीच शनिवार को जिला पंचायत का 92.90 करोड़ रुपये का बजट पास हो गया। इससे बिजली, पानी व सड़कों की समस्याएं दूर कराई जाएंगी। रोजगार की संभावनाओं पर काम होगा। विकास की ारफ्तार भी तेज होगी। जिला पंचायत सभागार में शनिवार को अध्यक्ष पूनम मौर्या की अध्यक्षता में बैठक हुई। इसमें विकास परियोजनाओं पर चर्चा की गई, फिर बजट पास किया गया। जिला पंचायत सदस्य सुनील सिंह ने बैठक से अनुपस्थित अधिकारियों का मामला उठाया और निंदा प्रस्ताव पारित करने की मांग रखी। उन्होंने कहा कि जो समस्याएं हैं, उसे किससे कहा जाए। अनुपस्थित पशुपालन विभाग, स्वास्थ्य विभाग, आपूर्ति विभाग, पीडब्ल्यूडी, बिजली निगम, जल निगम के अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश की जानी चाहिए। इस पर जिला विकास अधिकारी अशोक कुमार चौरसिया ने कहा कि अनुपस्थित अधिकारियोंं से स्पष्कीकरण मांगा जाएगा। जिन अधिकारियों के जवाब संतोषजनक नहीं होंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश होगी।
खराब सड़कों का मुद्दा भी उठा
अपर मुख्य अधिकारी अभिषेक कुमार सिंह ने सदन की कार्यवाही शुरू कराई। जिला पंचायत सदस्य अमन कुमार सिंह ने कहा कि सेवापुरी के घोषिला में 500 मीटर सड़क खराब है। एक दिन पहले ही राज्यपाल आनंदी बेन पटेल आई थीं। सड़क खराब होने की वजह से उन्हें दूसरे मार्ग से ले जाना पड़ा।
सपा के जिला पंचायत सदस्य ललित यादव ने कहा कि मिल्कीचक में बिजली कनेक्शन नहीं दिए जा रहे हैं। इससे लोग परेशान हैं। एक और सदस्य ने सड़कों की खोदाई का मामला उठाया। उन्होंने कहा कि अंडरग्राउंड केबल व पाइप लाइन डालने के नाम पर अच्छी सड़कों की खोदाई कर दी जा रही है। सपा के जिला पंचायत सदस्य रामधारी यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना से नर्वदेश्वर महादेव बाणासुर मंदिर मार्ग की मरम्मत कराई गई थी, लेकिन खराब हो गई। पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों से कई बार कहा गया, लेकिन सुनवाई नहीं हुई।