संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय में आयुर्वेद आहार और पोषण में डिप्लोमा के पाठ्यक्रम शुरू होंगे। संस्कृत भारती के विशेषज्ञों के सहयोग से पाठ्यक्रम तैयार किया जाएगा। कुलपति प्रो. हरेराम त्रिपाठी ने बताया कि संस्कृत भारती के अखिल भारतीय महासचिव श्रीशदेव पुजारी के सहयोग और मार्गदर्शन से आयुर्वेद आहार और पोषण में डिप्लोमा पाठ्यक्रम संचालित करने की योजना है। पाठ्यक्रम विशेषज्ञ के जरिए शीघ्र तैयार कराया जाएगा। संपूर्ण राष्ट्र में इष्टतम पोषण की अवधारणा को बढ़ावा देने के लिए एक समग्र दृष्टिकोण की आवश्यकता है। पुजारी ने बताया कि विकासशील राष्ट्र वर्तमान में कुपोषण के दोहरे बोझ के पोषण-स्पेक्ट्रम के दोनों छोर पर गंभीर स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना कर रहे हैं। इसे देख आयुर्वेद में निहित ज्ञान राशि द्वारा स्वस्थ जीवन, स्वस्थ विचार के अंतर्गत आयुर्वेद आहार और पोषण में डिप्लोमा (एक वर्षीय) पाठ्यक्रम संचालित करने से शिक्षा संस्थाओं के माध्यम से एक जनजागरण अभियान प्रारंभ होगा। लोगों में अपने स्वास्थ्य के बारे में सजगता आएगी।