गंगा में प्रदूषण कम करने और निर्मलता बनाए रखने के लिए नगर निगम प्रशासन ने बिना सीएनजी वाले नावों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। नगर आयुक्त प्रणय सिंह के निर्देश पर बृहस्पतिवार को जोनल अधिकारी कोतवाली रामेश्वर दयाल की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक कर अब तक सीएनजी के लिए आवेदनों पर चर्चा हुई।
निर्णय लिया गया कि 30 अक्तूबर तक यदि नाविक सीएनजी के लिए पंजीकरण नहीं कराते हैं तो उनका लाइसेंस निरस्त कर दिया जाएगा। रामेश्वर दयाल ने कहा कि पूर्व में 800 फार्म नाविकों को नगर निगम की ओर से दिए गए थे। अब तक सिर्फ 246 आवेदन मिले हैं। नगर निगम और स्मार्ट सिटी योजना के लिए नावों को सीएनजी से लैस किया जाना है।
बैठक में गेल के अधिकारी गौरीशंकर मिश्रा, अजय कुमार उपस्थित रहे। दरअसल, देव दीपावली तक सभी नावों को सीएनजी युक्त किया जाना है। करीब 166 नावों को इससे लैस भी किया जा चुका है। जबकि कुल 1200 नावों को सीएनजी युक्त किया जाना है।