बनारस में डिप्टी सीएम डॉ. दिनेश शर्मा ने कहा कि माध्यमिक शिक्षा में बीते एक साल में बड़े बदलाव आए हैं। माध्यमिक शिक्षा परिषद के पाठ्यक्रम में बड़ा फेरबदल किया गया है।
यूपी बोर्ड के परीक्षार्थी सीबीएसई और आईएससी बोर्ड के परीक्षार्थियों की बराबरी कर सकें इसके लिए एनसीईआरटी का पाठ्यक्रम लागू किया गया। एक साल में पाठ्यक्रम में बदलाव करना और उसे लागू कर देना, ये एक क्रांतिकारी कदम है। उन्होंने कहा कि आगे उच्च शिक्षा और माध्यमिक शिक्षा के उन्नयन के लिए और भी बदलाव किए जाएंगे।
सर्किट हाउस में प्रेसवार्ता के दौरान उच्च शिक्षामंत्री ने कहा कि दो से ढाई महीने में होने वाली बोर्ड परीक्षाएं इस साल एक महीने में संचालित की गईं। पूरी सुचिता के साथ नकल विहीन परीक्षा कराने का रिकार्ड बनाया गया। समय से परिणाम घोषित कर दिए गए।
अब अगला लक्ष्य ये है कि बोर्ड परीक्षाएं 20 दिनों में संचालित होंगी। पढ़ाई को सख्ती से लागू किया जाएगा। शिक्षा के उन्नयन के लिए आगामी 14 जुलाई को शिक्षाविदों और विशेषज्ञों के साथ बैठक होगी।
बैठक में नए शैक्षणिक कैलेंडर को किस पर अपडेट किया जाए, इस पर मंथन होगा। माध्यमिक शिक्षा में क्या परिवर्तन लाया जा सकता है, इस पर चर्चा होगी। माध्यमिक व उच्च शिक्षा में रोजगार परक पाठ्यक्रम के साथ साथ कौशल विकास को भी पाठ्यक्रम में शामिल किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि 155 पंडित दीन दयाल उपाध्याय मॉडल स्कूल और 40 अल्पसंख्यक विद्यालयों को आदर्श विद्यालयों का दर्जा दिया गया। परीक्षार्थियों को आधार से लिंक किया गया। मान्यता, संबद्धता से लेकर शिक्षकों तक के ट्रांसफर ऑनलाइन किए गए।
ये वो परिवर्तन है जिसका सकारात्मक असर देखने को मिल रहा है। प्रेसवार्ता के बाद उन्होंने शिक्षा अधिकारियों के साथ बैठक की जिसमें शिक्षा की गुणवत्ता पर जोर देने को कहा। बैठक में क्षेत्रीय सचिव सतीश सिंह, डीआईओएस डॉ. ओपी राय, संयुक्त निदेशक, उच्च शिक्षा अधिकारी आदि शामिल थे।