अखिलेश यादव और असदुद्दीन ओवैसी
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अपर जिला जज नवम विनोद कुमार सिंह की अदालत में शनिवार को ज्ञानवापी परिसर स्थित वजूखाना में गंदगी और शिवलिंग जैसी आकृति को लेकर दिए गए विवादित बयान के मामले में दाखिल निगरानी अर्जी पर सुनवाई पूरी हो गई है। अदालत में निगरानीकर्ता की ओर से बहस पूरी कर ली गई है।
कोर्ट ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद पत्रावली पर आदेश के लिए दो सितंबर की तिथि नियत की है। प्रकरण के अनुसार वरिष्ठ अधिवक्ता हरिशंकर पांडेय और अधिवक्ता अजय प्रताप सिंह ने लोअर कोर्ट के आदेश के खिलाफ निगरानी अर्जी दाखिल की है। जिसमें कहा है कि ज्ञानवापी परिसर स्थित वजूखाने में नमाजियों द्वारा गंदगी फैलाई जा रही है। उनका दावा है वह स्थान स्थान हमारे अराध्य देव शिव का है।
यह भी कहा है कि शिवलिंग की आकृति को लेकर एआईएमआईएम के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी और सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव सहित कुछ अन्य नेताओं ने गलत बयानबाजी कर हिंदुओं की भावनाओं को ठेस पहुंचाया था। इसलिए सभी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाए। लोअर कोर्ट में मांग खारिज होने के बाद वादी ने सत्र न्यायालय में निगरानी याचिका दाखिल की।