वाराणसी। रामनगर में विभीषण ने रावण के पुतले को मुखाग्नि दी। दशानन के जलते ही लंका मैदान हर-हर महादेव के जयघोष से गूंज उठा। आकाश में आतिशबाजी से सतरंगी छटा छा गई। आसमान को चूमती रंग-बिरंगी रोशनी देखने के लिए हजारों नजरें उधर ही टिक गईं। यह क्रम आधा घंटा तक चलता रहा। दैनिक नेमियों के अलावा दूर-दराज से भी लोग आतिशबाजी का नजारा देखने रामनगर पहुंचे थे। काशीराज परिवार के अनंत नारायण सिंह भी अपने परिवार के साथ रावण दहन देखने के लिए लंका के मैदान में पहुंचे थे।