जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग में आतंकी हमले में शहीद हुए गाजीपुर के महेश कुशवाहा आज पंचत्तव में विलीन हो गए। इस दौरान उन्हें देखने के लिए भारी संख्या में भीड़ उमड़ पड़ी, और सभी की आंखें नम हो गईं। पिता के हार्ट अटैक की खबर सुनते ही शहीद महेश गुरुवार को घर आने वाले थे, लेकिन आतंकी हमले में वो शहीद हो गए।
सदर कोतवाली क्षेत्र के जैतपुरा निवासी सीआरपीएफ के जवान महेश कुमार को परिवार के लोगों ने बुधवार की सुबह पिता को दिल का दौरा पड़ने की सूचना दी थी। परिजन उनके आने की राह निहार रहे थे, इसी दौरान जैसे ही रात में उनके शहीद होने की खबर आई, घर में मातम छा गया। शोक संवेदना व्यक्त करने के लिए घर पर लोगों का तांता लग गया। आंखों में फख्र के आंसू लिए लोग शहीद के शव आने की रात निहारते रहे।
जैतपुरा निवासी सीआरपीएफ के जवान महेश कुमार कुशवाहा छुट्टी लेकर होली में घर पर आए थे। पर्व के बाद वह लौट गया था। महेश के पिता गोरखनाथ कुशवाहा को बुधवार की सुबह दिल का दौरा पड़ा। परिजनों ने उन्हें प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराते हुए इसकी जानकारी महेश के साथ ही मुंबई में प्राइवेट कंपनी में नौकरी करने वाले उनके बड़े भाई भोलानाथ कुशवाहा को दी। सूचना मिलते ही जवान महेश ने घर आने के लिए गुरुवार के लिए टिकट बुक करा लिया।
इसी बीच रवानगी से पहले बुधवार की दोपहर बाद जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग में आतंकवादियों ने सीआरपीएफ के पिकेट पर हमला कर दिया, जिसमें महेश की मौत हो गई। जबकि परिवार के लोग उनके घर आने की राह निहार रहे थे। इसी दौरान रात में करीब आठ बजे जैसे ही महेश के शहीद होने की खबर आई, परिवार के लोगों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। पति की मौत के गम में पत्नी निर्मला की हालत बिगड़ गई और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। जबकि शहीद के पिता पहले से ही अस्पताल में भर्ती हैं।