19 और 21 मार्च को तेज हवा, बारिश और ओलावृष्टि से वाराणसी जिले के किसानों को बड़ा नुकसान हुआ। 58,393 किसान ऐसे हैं, जिनकी 33 फीसदी से ज्यादा फसलें बर्बाद हो गई हैं। सबसे ज्यादा नुकसान गेहूं, दलहनी-तिलहनी, सब्जी और सरसों सहित अन्य फसलों का हुआ है।
बारिश और ओलावृष्टि से हुए किसानों को नुकसान की आकलन रिपोर्ट शनिवार को शासन को भेज दी गई है। शासन से 2.23 करोड़ 19 लाख रुपये मांगे गए हैं। इसका भुगतान बतौर मुआवजा किया जाएगा। इससे किसानों को राहत मिलने की उम्मीद है।
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19 और 21 मार्च को तेज हवा, बारिश और ओलावृष्टि से वाराणसी जिले के किसानों को बड़ा नुकसान हुआ। 58,393 किसान ऐसे हैं, जिनकी 33 फीसदी से ज्यादा फसलें बर्बाद हो गई हैं। सबसे ज्यादा नुकसान गेहूं, दलहनी-तिलहनी, सब्जी और सरसों सहित अन्य फसलों का हुआ है।
सदर, पिंडरा और राजा तालाब तहसील क्षेत्र के उप जिलाधिकारियों ने नुकसान की जो रिपोर्ट बनाकर जिलाधिकारी के पास भेजी थी, उसे शासन के पास भेज दिया गया है। इसके मुताबिक, 13,112.04 हेक्टेयर फसल बर्बाद हुई है। पिंडरा तहसील क्षेत्र के किसानों को ज्यादा नुकसान उठाना पड़ा है।
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जिले में 33 फीसदी गेहूं, दलहनी, तिलहनी और सब्जियों की फसलें प्रभावित हुई हें। इसकी सर्वे रिपोर्ट शासन को भेज ही गई है। जल्द ही प्रभावित किसानों को मुआवजा दिया जाएगा। इसका ब्योरा तैयार कराया जा रहा है। - संजय कुमार, अपर जिलाधिकारी
फसल बीमा का लाभ लेने वाले दो हजार से ज्यादा किसानों को नुकसान
फसल बीमा का लाभ लेने वाले जिले में 12,399 किसान हैं। इनमें से दो हजार से ज्यादा किसान ऐसे हैं, जिनकी फसलों को नुकसान हुआ है। इन किसानों के नुकसान की भरपाई बीमा कंपनियां करेंगी। इसका भी खाका तैयार किया गया है।
- जिले में इस वर्ष 69 हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल में गेहूं की बोआई की गई थी। इसमें से 8828.46 हेक्टेयर फसल खराब हुई है।
- 992.46 हेक्टेयर सरसों की फसलों को नुकसान
- 1043.77 हेक्टेयर दलहनी और तिलहनी की फसलों को नुकसान
- 2317.25 हेक्टेयर सब्जियों की फसलें बर्बाद