देश के प्रधानमंत्री वीआईपी कल्चर को त्यागने की माननीयों से अपील कर रहे हैं और नियम-कायदे तय कर रहे हैं। मगर, प्रधानमंत्री की नसीहतों का माननीयों पर असर पड़ता नहीं दिख रहा है। इसकी बानगी गुरुवार को कलेक्ट्रेट परिसर में देखने को मिली।
तिरंगा, लाल बत्ती, हूटर और उस पर ब्लैक फिल्म लगी जिला पंचायत अध्यक्ष अपराजिता सोनकर की सफारी खड़ी थी। इसी बीच कार्यालय से बाहर निकले एसएसपी की नजर पड़ी तो उनके निर्देश पर पुलिस ने ब्लैक फिल्म उतरवाई और शमन शुल्क वसूला। इस दौरान मौके पर तमाशबीनों की भीड़ जुटी रही।
कलेक्ट्रेट परिसर के भीतर पश्चिमी गेट के समीप गुरुवार की दोपहर एक सफारी खड़ी थी। जौनपुर में पंजीकृत उक्त सफारी के बोनट के समीप तिरंगा, ऊपर लाल बत्ती व हूटर और खिड़कियों पर ब्लैक फिल्म लगी हुई थी।
2:15 बजे के लगभग एसएसपी नितिन तिवारी अपने कार्यालय से निकले तो उन्होंने सफारी को देख अपनी कार रुकवाई। कप्तान को कार से नीचे उतरते देख पश्चिमी गेट के समीप मौजूद पुलिसकर्मी हरकत में आए। इसी केे थोड़ी देर बाद कचहरी पुलिस चौकी प्रभारी विनोद कुमार सिंह मौके पर पहुंचे।
उन्होंने बताया कि उक्त सफारी जौनपुर में हितेंद्र कृष्ण के नाम से पंजीकृत उक्त सफारी जिला पंचायत अध्यक्ष की थी। ब्लैक फिल्म उतरवाकर शमन शुल्क वसूला गया है।