चंदौली जिले की मुगलसराय विधानसभा से भाजपा विधायक साधना सिंह से 10 करोड़ की रंगदारी मांगने के आरोपी सुजीत सिंह और उसके साले मोनू सिंह को एसटीएफ की वाराणसी इकाई ने बुधवार की रात गिरफ्तार कर लिया।
दोनों आरोपियों को चंदौली के पड़ाव क्षेत्र से गिरफ्तार कर वहां की पुलिस को सौंप दिया गया है। इससे पहले बीजेपी विधायक साधना ने इस मामले की शिकायत सीएम योगी आदित्यनाथ से कर कार्रवाई की गुहार लगाई थी।
एसटीएफ की वाराणसी इकाई के अनुसार पड़ाव निवासी सुजीत ने अपने एक दोस्त को लेनदेन के विवाद में फंसाने के लिये उसकी आईडी पर फर्जी तरीके से सिम लिया। इसके बाद चोरी के मोबाइल में वह सिम लगाकर विधायक साधना को धमकी देने लगा। इस काम में उसका साला मोनू भी उसकी मदद कर रहा था।
सर्विलांस और मुखबिरों की मदद से सुजीत को चिन्हित कर एसटीएफ इंस्पेक्टर विपिन राय के नेतृत्व में गठित टीम ने उसे और मोनू को पड़ाव क्षेत्र से गिरफ्तार कर अग्रिम विधिक कार्रवाई के लिए चंदौली पुलिस को सौंपा है।
सुजीत ने बताया कि उसे पता था कि वह अपने दोस्त की आईडी पर मिले सिम से विधायक को फोन कर रंगदारी मांग रहा है तो वह जरूर पकड़ा जाएगा।
10 दिन से जांच कर रही थी पुलिस, एसटीएफ ने पकड़ा
sadhana singh
- फोटो : अमर उजाला
आरोपी सुजीत को गिरफ्तार करने वाली टीम में इंस्पेक्टर विपिन राय के साथ सब इंस्पेक्टर अरविंद यादव, रणजीत राय, वृंदावन राय, बैजनाथ, सक्तेश राय, चंदौली के कोतवाल आशुतोष ओझा और उनकी टीम शामिल थी।
वहीं बुधवार की रात ही विधायक ने पत्रकारों को बताया था कि दो अप्रैल की रात बारह बजे के लगभग जब मैं खाना खाकर सो रही थी, तभी अज्ञात नंबर से मेरे मोबाइल पर फोन आया। मैंने फोन रिसीव किया लेकिन फोन कट गया। कुछ ही समय के बाद दोबारा उसी नंबर से फोन आया तो असंसदीय शब्दों का इस्तेमाल करते हुए फोन करने वाले ने दस करोड़ रुपये की रंगदारी की मांग की।
कहा कि मैंने जब उससे उसका पता और नाम पूछा तब तक फोन काट दिया। इसके बाद तीन अप्रैल को चंदौली कोतवाली व पुलिस अधीक्षक दीपिका तिवारी को लिखित सूचना दी। उन्होंने बताया कि मैं इतनी धन संपत्ति वाली नहीं हूं। पूरी संपत्ति भी बेच दूं तब भी इस रकम को नहीं चुका सकती।
बताया कि ग्यारह अप्रैल को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलकर घटना की जानकारी दी। मांग की थी कि जांच कराकर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए तथा मुझे सुरक्षा प्रदान की जाए।