राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने शक्तिनगर विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण (साडा) में तैनात रहे दो अधिशासी अभियंताओं के खिलाफ जमानती वारंट जारी किया है। उन्हें जमानत के लिए 25 जुलाई को आयोग में तलब किया गया है।
इनमें से एक एक्सईएन वाराणसी विकास प्राधिकरण में तैनात हैं तो दूसरे सेवानिवृत्त हो चुके हैं। इस नाते पुलिस वारंट लेकर यहां-वहां भटकती रही। अब दोनों को उनके दूसरे पते पर नोटिस तामीला कराने के लिए प्रशासनिक स्तर पर कवायद शुरू हो गई है।
नई दिल्ली के सर्वेश बिसारिया एडवोकेट ने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग में साडा के दो अधिशासी अभियंताओं के खिलाफ शिकायत की थी। इस शिकायत पर आयोग ने सुनवाई की और फिर साडा में तैनात रहे अधिशासी अभियंता राजकुमार एवं अधिशासी अभियंता सिविल सत्येंद्र कुमार मयंक के उपस्थित न होने पर उनके खिलाफ जमानती वारंट जारी कर दिया।
ये दोनों अभियंता साडा में क्रमश: वर्ष 2013-13, 2014-15 मेें तैनात थे। एक्सईएन राजकुमार एक जुलाई 2015 को यहां से स्थानांतरित होकर वाराणसी विकास प्राधिकरण में अधिशासी अभियंता के पद पर तैनात हैं तो एक्सईएन सिविल सत्येंद्र कुमार मयंक का यहां से 15 सितंबर 2015 को लखनऊ विकास प्राधिकारण के लिए तबादला हो गया था।
सूत्रों से पता चला है कि वे 31 जुलाई 2016 को सेवानिवृत्त हो चुके हैं। एसपी आरपी सिंह के निर्देश पर पिपरी थाना पुलिस साडा में दोनों अधिकारियों को नोटिस तामीला कराने पहुंची तो जानकारी हुई कि दोनों अफसर यहां से स्थानांतरित हो चुके हैं।
बाद में मामला प्रशासन तक पहुंचा तो प्रशासन ने दोनों अफसरों के बारे में जानकारी हासिल की। अपर जिलाधिकारी उमाकांत त्रिपाठी का कहना है कि यह मामला उनके संज्ञान में आया है। दोनों अफसर अब साडा में नहीं हैं।