केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह के शहर आगमन से कुछ घंटे पहले शनिवार को कचहरी के गेट नंबर एक के समीप अधिवक्ताओं की चौकी से घिरी गुमटी के नीचे गिफ्ट रैपर में हैंडग्रेनेड मिलने से अफरातफरी मच गई। बम निरोधक दस्ता (बीडीएस) ग्रेनेड को कब्जे में लेकर पुलिस लाइन ले गया और उसे डिफ्यूज किया। एसएसपी ने कचहरी परिसर को खाली कराकर चप्पे-चप्पे को खंगलवाया। वहीं, कचहरी में हैंडग्रेनेड की सूचना पर शहर भर के संवेदनशील और अन्य प्रमुख स्थानों पर सघन तलाशी अभियान चलाया गया। देर शाम कैंट थाने में अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच क्राइम ब्रांच को सौंप दी गई है।
घटना से पूरे शहर में चिंता रही, लोग एक-दूसरे से खैरखबर लेते रहे। गौरतलब है कि बनारस में अब तक हुए पांच आतंकी बम धमाकों में 65 लोगों की जान जा चुकी है। 26 अप्रैल से संकटमोचन संगीत समारोह शुरू होना है, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमिताभ बच्चन और पाकिस्तान गजल गायक गुलाम अली सहित देश-दुनिया के कई नामचीन लोगों को शामिल होना है। इसके चलते पुलिस और प्रशासन की चिंता बढ़ गई है।
कचहरी परिसर में शनिवार को चहल-पहल शुरू ही हुई थी कि 9:30 बजे के लगभग अधिवक्तओं की चौकी से घिरी गुमटी के नीचे गिफ्ट रैपर में हैंडग्रेनेड रखा पाए जाने से हड़कंप मच गया। यह हैंडग्रेनेड तब नजर में आया जब बीडीएस के जवान परिसर के गेट नंबर एक (कचहरी पुलिस चौकी के सामने स्थित गेट) से चेकिंग करते हुए आगे बढ़े। मनोरंजन कक्ष के समीप नीम के पेड़ के नीचे अधिवक्ताओं की चौकी के पास स्थित गुमटी के समीप आते ही बीडीएस के हेड कांस्टेबल विजय बहादुर यादव और विनोद कुमार को मॉनीटर से इस बात के संकेत मिले कि यहां किसी प्रकार का विस्फोटक है। दोनों ने गुमटी के नीचे देखा तो चमकीले गिफ्ट रैपर में कुछ पैक हुआ पड़ा था। उसे उठाया तो वह रस्सी से बंधा था। अधिवक्ता ज्योतिशंकर उपाध्याय से ब्लेड लेकर रस्सी काटकर देखी गई तो हैंडग्रेनेड निकला। इसके बाद तो सुरक्षा कर्मियों के भी एकबारगी होश उड़ गए। तत्काल उच्चाधिकारियों को सूचना देने के साथ ही हैंड ग्रेनेड को बीडीएस ने कब्जे में ले लिया।
मौके पर पहुंचे एसएसपी आकाश कुलहरि ने तत्काल कचहरी परिसर को खाली करा दिया। पूरे दिन सघन जांच-पड़ताल के बीच कचहरी बंद रही। इस दिन जिन मुकदमों की सुनवाई और पेशी होनी थी, उन्हें स्थगित कर दिया गया। शनिवार को होने वाली पेशियों सहित अन्य न्यायिक कार्यों केे लिए सोमवार का दिन नियत कर दिया गया है।एसएसपी ने बताया कि बरामद हैंडग्रेनेड का डेटोनेटर निकला हुआ था। इस वजह से पिन निकाल कर फेंके जाने पर भी विस्फोट नहीं होता। उन्होंने कहा कि हैंडग्रेनेड कैसे कचहरी तक आया, अलग टीम बनाकर इसकी जांच कराई जा रही है।
कचहरी की सुरक्षा के लिए जल्द ही इंतजाम और पुख्ता किए जाएंगे। उधर, आईजी ने बम की बरामदगी और उसे डिफ्यूज करने वाली बीडीएस टीम को 12 हजार रुपये का नकद पुरस्कार का एलान किया है। मालूम हो कि गृहमंत्री राजनाथ सिंह को कचहरी के समीप सर्किट हाउस में शनिवार को रात्रि विश्राम करना है। उनके आने से चंद घंटे पहले हैंडग्रेनेड मिलने से केंद्रीय खुफिया और सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। इस बीच प्रदेश के आला अधिकारियों के साथ ही गृह मंत्रालय को भी पूरे मामले की जानकारी दी गई है। बताते चलें कि 26 अप्रैल से संकटमोचन संगीत समारोह शुरू होना है।
आग के संपर्क में आता तो होता विस्फोट
वाराणसी। कचहरी परिसर में मिले हैंडग्रेनेड की जांच के बाद यह बात सामने आई कि यदि वह आग के संपर्क में आता तो घातक साबित हो सकता था। विशेषज्ञों का कहना है कि भले ही ग्रेनेड का डेटोनेटर निकला हुआ था लेकिन उसके अंदर इस तरह का विस्फोटक पदार्थ मौजूद था कि यदि वह आग के संपर्क में आता तो फट जाता। हालांकि इस संबंध में अभी अंतिम रिपोर्ट आना बाकी है।
कहीं यह किसी बड़ी घटना के पहले की टेस्टिंग तो नहीं
वाराणसी। कचहरी में हैंडग्रेनेड मिलने केे बाद पुलिस और प्रशासनिक अमले के साथ ही केंद्रीय सुरक्षा और खुफिया एजेंसियों के भी कान खड़े हो गए हैं। उनके जेहन में सबसे बड़ा सवाल यही है कि कहीं यह किसी बड़ी घटना के पहले की टेस्टिंग तो नहीं। अब तक हुईं आतंकी घटनाओं के आधार पर इस आशंका से भी कोई इनकार नहीं कर रहा है कि यह सब कुछ किसी बड़ी साजिश का हिस्सा हो सकता है। हालांकि सार्वजनिक तौर पर पुलिस और प्रशासन के साथ ही खुफिया एजेंसियाें के अधिकारी ऐसी किसी बात से इंकार कर रहे हैं। उनका कहना है कि जिले के भीड़भाड़ वाले महत्वपूर्ण स्थान पर महज भय का माहौल पैदा करना इस घटना का उद्देश्य था।