मायके से पत्नी की विदाई नहीं हुई तो गुस्साए पति ने साले की चार साल की बेटी का अपहरण कर उसे पोखरे के पास फेंक दिया। संयोग ही था कि मासूम रात भर वहां सुरक्षित रही। सुबह होने पर जब उसके रोने की आवाज सुनाई दी तो इलाकाई लोगों की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची।
बच्ची को उसके मां-बाप को सुपुर्द कर पुलिस ने भेलूपुर के कमच्छा निवासी लाल बाबू को उसके घर से गिरफ्तार कर लिया। लाल बाबू की ससुराल चंदौली जिले के अलीनगर थाना क्षेत्र के बिछुड़ी वार्ड नंबर छह में है। पत्नी रोशनी की विदाई कराने लाल बाबू ससुराल गया था।
सोमवार की शाम रोशनी की विदाई न होने पर लाल बाबू ने उससे झगड़ा किया। अपने साले फल विक्रेता डब्बू सोनकर से भी उसकी नौकझोंक हुई। कुछ ही देर बाद डब्बू की चार साल की बेटी पायल को अगवा कर लाल बाबू भाग गया। मंगलवार की सुबह रामनगर पुलिस बच्ची को थाने ले आई।
इसी बीच दोपहर बाद डब्बू और उसकी पत्नी अंजू अपनी बेटी को खोजते हुए थाने पहुंचे और पूछा कि कोई बच्ची तो नहीं मिली है। पुलिस ने जैसे ही डब्बू और अंजू को पायल को दिखाया, दोनों मारे खुशी से रो पड़े। पुलिस ने बच्ची को उसके मां-बाप को सुपुर्द कर दिया।
उधर, लाल बाबू का कहना था कि शादी को तीन साल हो गए लेकिन पत्नी को बच्चा नहीं हुआ। इसी बात को लेकर दोनों के बीच झगड़ा हुआ और ऊपर से वो ससुराल भी नहीं आ रही थी।