चौबेपुर के श्रीकंठपुर निवासी बसपा नेता रामबिहारी चौबे की हत्या सेंट्रल जेल में कैद एमएलसी बृजेश सिंह के करीबी कुख्यात अजय मरदह ने अपने साथियों के साथ गोली मारकर की थी। वारदात को अंजाम देने का कारण पैसे के लेनदेन का विवाद था लेकिन किस तरह से... यह पुलिस स्पष्ट नहीं कर सकी।
शुक्रवार को इस खुलासे के साथ पुलिस ने गाजीपुर के मरदह के घुरहावदा के अजय मरदह, मरदह के कड़ोरी के शनि सिंह और भभुआ के राजू उर्फ नागेंद्र सिंह को जेल भेज दिया गया। तीनों के पास से दो मोबाइल और 2450 बरामद हुआ है।
मामले में पुलिस को मनीष सिंह और डब्लू सिंह की तलाश है।पुलिस लाइन सभागार में प्रभारी वरिष्ठ पुलिस अधीक्षण सुरेंद्र चंद्र रावत ने बताया कि चार दिसंबर 2015 को श्रीकंठपुर निवासी एमएलसी बृजेश सिंह के करीबी रामबिहारी चौबे के घर में घुसकर बदमाशों ने गोली मारकर उनकी हत्या कर दी थी।
सर्विलांस, कॉल डिटेल, मुखबिरों और घटनास्थल के आसपास मौजूद रहे लोगों से पूछताछ में सामने आया कि कुख्यात अजय मरदह ने अपने साथी बदमाशों के साथ चौबे के घर में घुसकर उनकी हत्या की थी।इसी आधार पर चांदमारी स्थित लैंडमार्क टॉवर के एक फ्लैट से अजय मरदह और उसके साथी सनी को गुरुवार को चौबेपुर थानाध्यक्ष आशुतोष कुमार तिवारी ने हिरासत में लिया।
दोनों से पूछताछ में मिली जानकारी के आधार पर गुरुवार को ही गिलट बाजार से राजू को गिरफ्तार किया गया। बताया कि रामबिहारी को गोली मारने वाला अजय मरदह और उसका एक साथी था। आरोपियों को न्यायालय में पेश किया जा रहा है, जल्द ही तीनों को रिमांड पर लेकर हत्या में प्रयुक्त असलहा बरामद किया जाएगा।
यह स्पष्ट किया जाएगा कि पैसे के लेनदेन का कैसा विवाद था। इसके साथ ही वारदात की योजना तैयार करने वाले भी गिरफ्तार किए जाएंगे। उधर, तीनों को सीजेएम अभय श्रीवास्तव की कोर्ट में पेश किया गया जहां से उन्हें 14 दिन की न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।
वहीं, अजय मरदह का कहना था कि वह निर्दोष है, चौबे उसके मददगारों में से एक थे। पुलिस ने उसे इस मामले में झूठा फंसाया है।