वाराणसी के कैंटोनमेंट स्थित प्रधान डाकघर के समीप एक डाकिया को कबाड़ी को रद्दी के भाव चिट्ठियां बेचते हुए गिरफ्तार किया हुआ है। इसके साथ ही चिट्ठियां खरीदने वाले कबाड़ी को हिरासत में लिया गया है।
पुलिस की ओर से पहड़िया क्षेत्र में किराये के मकान में रहने वाले डाकिया दुर्गा सिंह के खिलाफ आपराधिक षड्यंत्र, धोखाधड़ी, सरकारी गबन सहित अन्य आरोपों में मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया गया है।
बता दें कि जो तीन सौ चिट्ठियां बेची जा रही थी उनमें से राखियां, आधार कार्ड, हाईकोर्ट के रजिस्टर्ड पत्र सहित कई अन्य जरूरी कागजात शामिल थे।
कैंट पुलिस के अनुसार गुरुवार दोपहर बाद सूचना मिली थी कि प्रधान डाकघर के समीप एक डाकिया एक कबाड़ी को दो बोरे में भरी चिट्ठियां रद्दी के भाव बेच रहा है।
सूचना पाकर कैंट थाने के एसएसआई शेषनाथ शुक्ला और नदेसर चौकी प्रभारी नागेंद्र सिंह फोर्स के साथ मौके पर पहुुंचे। मौके से डाकिया दुर्गा सिंह, कबाड़ी राजेंद्र और दो बोरे लेकर पुलिस सभी को कैंट थाने ले आई। इसके साथ ही प्रधान डाकघर को सूचना दी गई।
सूचना पाकर मौके पर प्रधान डाकघर के पोस्टमास्टर मौके पर पहुंचे और देर शाम तक मिलान कराए तो तीन सौ चिट्ठियां बरामद हुई। उन्होंने बताया कि सात माह पूर्व मंडुवाडीह से दुर्गा सिंह प्रधान डाकघर आया है।
उधर, दुर्गा सिंह का कहना था कि उसके पास एक आदमी आया और बोला कि मैं विजिलेंस का हूं। उसने चेकिंग के नाम पर डाक से भरे बोरे खुलवाए और तत्काल पुलिस को फोन कर दिया। आखिरकार मैं क्यों चिट्ठियों को बेचूंगा और इससे मुझे कितना रुपया मिलेगा। एक महिला सहकर्मी ने मुझे पुरानी रंजिश में फंसाया है।