गैर इरादतन हत्या मामले में एडीजे चतुर्थ मुहम्मद गुलाम उल मदार की अदालत ने फूलपुर के सिंधौरा निवासी मुहम्मद सिद्दीकी, उसके पुत्र सादाब और पोते जुमराती को आजीवन कारावास और 15 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है। मामला तीन पीढ़ियों से जुड़ा होने के कारण शनिवार को इसे लेकर कचहरी परिसर में अधिवक्ताओं में खासा चर्चा रही।
अभियोजन के एडीजीसी सुरेश सिंह और अधिवक्ता आनंद दूबे के अनुसार सिंधौरा गांव निवासी वादी मुहम्मद फैयाजुद्दीन ने 21 अप्रैल, 2008 को फूलपुर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। आरोप था कि 21 अप्रैल को उसके पिता मुहम्मद रफीक और भाई मिनहाजुद्दीन बाइक से चंदवक से घर लौट रहे थे।
वे उसके बड़े पिता के घर के सामने पहुंचे थे। इसी दौरान जमीन विवाद में बड़े पिता मुहम्मद सिद्दीकी, उनका बेटा सादाब और पौत्र जुमराती व सोनू ने लाठी-डंडा तथा हंसिया से पिता व भाई पर हमला बोल दिए।
शोर सुनकर मुहम्मद फैयाजुद्दीन और उसके भाई मौके पर गए, तब तक हमलावर भाग गए थे। गंभीर रूप से घायल भाई औ पिता को अस्पताल ले जाने की तैयारी हो रही थी। इसी दौरान वादी का पिता मुहम्मद रफीक की मौत हो गई। एक अन्य आरोपी के किशोर होने पर मामला किशोर न्याय बोर्ड को भेज दिया गया।