कंधे से गिरते ही बंदूक से हुआ फायर
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हाईकोर्ट की समीक्षा अधिकारी की परीक्षा में ब्लूटूथ डिवाइस का इस्तेमाल करते दबोचे गए हाईटेक नकलची से पूछताछ के आधार पर दो अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस की पूछताछ में इन्होंने बताया कि ब्लूटूथ डिवाइस से परीक्षा पास कराने का सौदा दस लाख रुपये में तय हुआ था।
शनिवार को अखरी से दबोचे गए इन दोनों आरोपियों की शिनाख्त क्रमश: शिवपुर के अजय कुमार और जौनपुर के जलालपुर निवासी बलिराम प्रसाद के तौर पर हुई है। उनके पास से सरकारी विभागों की मुहरें, ब्लूटूथ डिवाइस की एक चिप, वोटर आईडी कार्ड, तीन मोबाइल और पंद्रह सौ रुपये नकद बरामद हुए हैं।
रोहनिया थाना के प्रभारी निरीक्षक सुरेंद्र कटियार ने बताया कि गिरफ्त में आए अजय और बलिराम ने फोटोस्टेट और प्रतियोगी परीक्षाओं के फार्मों की दूकानों पर अपना जाल बिछा रखा था। वहां आने वाले अभ्यर्थियों को झांसा देकर वे उन्हें अपने चंगुल में फंसाते थे।
दोनों ने बताया कि उनके हाईटेक गैंग की एक लंबी चेन है। वे मध्यस्थता करते थे। अभ्यर्थियों से दस लाख में परीक्षा पास कराने का सौदा तय करते थे और उन्हें इसके बदले में 50 हजार रुपये मिलते थे।
गैंग का सरगना कौन है, इस बारे में वे कुछ खास नहीं बता पाए लेकिन कुछ सदस्यों के बारे में ठोस सुराग हाथ लगे हैं। जिसके आधार पर कार्रवाई के लिए टीम गठित कर दी गई है।
बता दें कि बीते आठ जनवरी को रोहनिया स्थित सरदार पटेल पीजी कॉलेज में समीक्षा अधिकारी परीक्षा के दौरान चोलापुर के गुरुवट के बबलू प्रसाद को पकड़ा गया था। वह अपनी शर्ट के कॉलर में ब्लूटूथ डिवाइस और कान के भीतर बेहद छोटा सा ईयरफोन लगाकर प्रश्नों के जवाब पूछ रहा था।