फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

यूपी पुलिस का हाल : थाने जाने में झिझक रही जनता, कप्तान के पास बेहिचक

Thu, 11 May 2017 12:09 PM IST
amarujala.com- Written by: पुष्पेन्द्र कुमार त्रिपाठी
विज्ञापन
up police - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
नए दौर की पुलिसिंग के बावजूद अभी थानों पर जाने में आम जनता की झिझक टूट नहीं पा रही है। आंकड़े बताते हैं कि जनवरी से अप्रैल तक चार महीनों में जिले के 25 थानों में 522 जन शिकायतें आईं। जबकि एसएसपी के पास दस गुना ज्यादा 5416 फरियादी पहुंचे।
विज्ञापन


वहीं, कप्तान और थानेदारों के बीच की कड़ी एसपी सिटी व एसपी ग्रामीण के पास 54 और आठ क्षेत्राधिकारियों के पास महज 92 फरियादी गए। एसएसपी ऑफिस में फरियादियों के बेहिचक पहुंचने के पीछे बड़ी वजह वहां कप्तान के निर्देश पर पुलिस की कार्यशैली में आया बदलाव है।

वहीं, इसके विपरीत जोन के गाजीपुर, जौनपुर, आजमगढ़, मऊ और बलिया जिले में कप्तान से ज्यादा शिकायतें थानेदारों के पास ही आईं। वाराणसी जोन के दस जिलों में बीती पहली जनवरी से 30 अप्रैल के बीच चार महीने में सर्वाधिक 8524 जन शिकायतें जौनपुर पुलिस के पास आईं।
विज्ञापन


सर्वाधिक शिकायतों वाला दूसरा जिला गाजीपुर रहा। गाजीपुर में 6675 जन शिकायतें पुलिस के पास आईं। बलिया इकलौता ऐसा जिला रहा जहां बीते चार माह में 5890 जन शिकायतें आईं और 30 अप्रैल तक सभी का निस्तारण किया जा चुका था जबकि अन्य जिलों में चार-पांच प्रतिशत शिकायतों का समाधान बाकी था।

विंध्याचल रेंज के तीनों जिलों में सबसे कम जन शिकायतें इस दौरान आईं। मिर्जापुर में 670, सोनभद्र में 673 और भदोही में 960 शिकायतें पुलिस के पास आईं। वहीं, पड़ोस के चंदौली जिले में 1666, मऊ में 2156 और आजमगढ़ में 2487 शिकायतें पुलिस को मिलीं। वाराणसी में इस दौरान 6084 जन शिकायतें आईं।

इनमें पांच हजार से अधिक फरियादी एसएसपी ऑफिस पहुंचे। जानकारों का कहना है कि पुलिस आत्मीयता से पेश आए। जनता की समस्या पूरी सहानुभूति से सुनी जाए तो लोगों की झिझक टूटेगी।

जिस तरह फरियादी एसएसपी ऑफिस जाने में नहीं हिचक रहे हैं, उसी तरह अच्छा व्यवहार होने पर दूसरे अधिकारियों के पास और थानों पर जाने में भी उन्हें कोई हिचक नहीं होगी।
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें