उत्तर प्रदेश में पुलिस द्वारा अपराधियों पर एक्शन जारी है। सोमवार को यूपी पुलिस ने आजमगढ़ में मुठभेड़ के बाद घायल हुए 50 हजार के इनामी बदमाश को धर दबोचा। तरवां थाना क्षेत्र के पट्टी भिखारी गांव के पास सोमवार की सुबह हुई मुठभेड़ में पुलिस की गोली लगने से 50 हजार का इनामी सुनील राम उर्फ सिपाही घायल हो गया था।
विज्ञापन
वह मूलरुप से गाजीपुर जिले का रहने वाला है। घायल सुनील को जिला अस्पताल से वाराणसी के लिए रेफर कर दिया। सुनील राम जहानागंज कस्बे के रहने वाले एक डिस्पेंसरी चलाने वाले डाक्टर को फोन कर पांच लाख की रंगदारी मांग रहा था।
रुपये न देने पर दहशत फैलाने के लिए रविवार की रात नौ बजे डॉक्टर के दरवाजे पर फायर भी किया था। सुनील राम का पिता पुलिस में था, लेकिन उसके आपराधिक गतिविधियों में शामिल होने पर विभाग से बर्खास्त कर दिया गया है। सुनील के विरुद्ध पूर्वांचल के आजमगढ़, मऊ, बलिया, वाराणसी सहित अन्य जिलों में 30 से अधिक आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं।
विज्ञापन
एसपी अजय कुमार साहनी ने बताया कि प्रभारी निरीक्षक मेहनाजपुर अखिलेश कुमार सोमवार की सुबह तियरा मोड़ पर वाहनों की चेकिंग कर रहे थे। तभी सामने से एक बाइक पर सवार आते हुए दिखा। पुलिस ने रुकने का इशारा किया तो वह भागने लगा।
इस पर मेहनाजपुर थाने की पुलिस कंट्रोल रुम में सूचना देते हुए पीछा करने लगे। जानकारी होने पर एसओ तरवां कृष्णमोहन सिंह भी अपनी टीम के साथ बदमाश को पकडने के लिए क्षेत्र के पट्टी भिखारी गांव के पास घेराबंदी कर लिए।
बदमाश अपने को घिरा देख पुलिस पर फायर कर भागने का प्रयास किया। जवाबी कार्रवाई में पुलिस की गोली उसके पैर में लगी और वह बाइक लेकर गिर गया। उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
30 मुकदमे दर्ज हैं, दोस्त को ही मार दी था गोली
पिस्टल, कारतूस, बैग और एक बाइक हुई बरामद
- फोटो : अमर उजाला
घायल बदमाश की पहचान 50 हजार रुपये के इनामी बदमाश सुनील राम उर्फ सिपाही पुत्र नंदलाल राम गाजीपुर जिले के बहरियाबाद थाने के बधवा देईपुर गांव निवासी के रूप में हुई। उसके पास से एक पिस्टल, तीन कारतूस, बैग और एक बाइक बरामद हुई।
तरवां थाने की पुलिस घायल सुनील राम को जिला अस्पताल में भर्ती कराई। हालत गंभीर देख डाक्टर ने उसे वाराणसी रेफर कर दिया। सुनील को बीएचयू के ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया गया है। जहां इलाज चल रहा। पूछताछ के दौरान सुनील राम ने कबूल किया वह 22 फरवरी को जहानागंज कस्बा निवासी डा. शिवरतन यादव को फोन कर पांच लाख रुपये की रंगदारी मांगी थी।
तभी से लगातार वह शिवरतन को फोन कर रहा था। रंगदारी न देने पर रविवार की रात दहशत फैलाने के लिए दो राउंड हवाई फायरिंग भी किया था। एसपी ने बताया कि सुनील राम इससे पूर्व 19 फरवरी को गंभीरपुर थाने के मई खरगपुर गांव के पास से इंडियन गैंस एजेंसी लालगंज के सेल्समैन को तमंचा सटाकर 33 हजार रुपये लूटा था।
एसपी ने बताया कि वर्ष 2013 में सुनील राम गाजीपुर जिले के जंगीपुर में एक सराफ को लूटने गया था। इस दौरान लोगों ने बदमाशों को दौड़ा लिया। सभी लोग बाइक पर बैठकर भागने लगे, लेकिन उसका साथी नागेंद्र राम नहीं बैठ पाया था।
इस पर सुनील ने गोली मारकर नागेंद्र की हत्या कर दी थी। क्योंकि नागेंद्र के पकड़े जाने पर उसका राज खुल जाता। इसके अलावा वह वाराणसी में भी कई लूट की घटनाओं को अंजाम दिया है। सुनील के विरुद्ध पूर्वांचल के विभिन्न जिलों में 30 से अधिक आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं।
पुलिस से बर्खास्त हुआ है सुनील का पिता
up police
- फोटो : अमर उजाला
एसपी अजय कुमार साहनी ने बताया कि गाजीपुर जिले के बहरियाबाद थाना क्षेत्र के बधवा देईपुर गांव निवासी सुनील राम उर्फ सिपाही का पिता नंदलाल राम पुलिस विभाग में सिपाही था।
वह अपनी ड्यूटी के दौरान आजमगढ़ जिले के शहर कोतवाली, रौनापार, महराजगंज आदि थानों पर काफी दिनों तक तैनात रहकर नौकरी कर चुका है। एसपी के मुताबिक नंदलाल महराजगंज थाने का दीवान था।
वह आठ फरवरी 2008 की रात महराजगंज थाने में एक किशोर के साथ अप्राकृतिक दुष्कर्म किया था। घटना के संबंध में थाने में नंदलाल के विरुद्ध केस दर्ज कर मामले की जांच पड़ताल की गई। इस दौरान आरोप सही पाए जाने पर नंदलाल को बर्खास्त कर दिया गया है।
अपराधियों के विरुद्ध एसपी अजय कुमार साहनी द्वारा छेड़े गए अभियान के भय से भयभीत होकर गाजीपुर जिले के सादात थाना क्षेत्र के बड़ागांव निवासी बदमाश अरविंद यादव सोमवार की शाम शहर कोतवाली में पहुंचकर पुलिस के सामने हथियार रख दिया।
आत्मसर्मण करते हुए अरविंद यादव ने कहा कि अब वह मेहनत मजदूरी करके अपना गुजर-बशर कर लेगा, लेकिन अपराध की दुनिया में किसी भी कीमत पर कदम नहीं रखेगा। गाजीपुर जिले का हिस्ट्रीशीटर अपराधी है। एसपी सिटी सुभाष चंद्र गंगवार ने बताया कि अरविंद के विरुद्ध आजमगढ़ जिले के विभिन्न थानों में कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं।
वह तीन दिन पूर्व जमानत पर जेल से रिहा हुआ, इसके बाद कहीं गायब हो गया। उसके घर वालों को लगा कि कहीं पुलिस उसका एनकाउंटर न कर दे। इसलिए परिवार के लोग अरविंद को बचाने के लिए पुलिस के गुहार लगा रहे थे।
जबकि अरविंद अन्यत्र कहीं छिपा हुआ था। सोमवार की शाम वह अपना तमंचा और थैले में कपड़ा लेकर शहर कोतवाली पहुंचा और पुलिस के समक्ष हथियार डालते हुए अपराध से तौबा करने की कसमें खाई है।