चौबेपुर के श्रीकंठपुर निवासी बसपा नेता रामबिहारी चौबे हत्याकांड की स्टेटस रिपोर्ट प्रदेश के गृह विभाग ने एसएसपी से तलब की है। माना जा रहा है कि यह मामला सीबीसीआईडी को सौंपा जा सकता है। चौबे हत्याकांड के खुलासे पर सवाल उठाते हुए भाजपा विधायक सुशील सिंह ने मुख्यमंत्री से इसकी जांच कराने की मांग की थी। जल्द ही इस बारे में शासन स्तर से निर्णय लिया जा सकता है।
चार दिसंबर 2015 को चौबेपुर निवासी रामबिहारी चौबे की हत्या उनके घर में गोली मारकर कर दी गई थी। सेंट्रल जेल में निरुद्ध एमएलसी बृजेश सिंह के करीबी रामबिहारी चौबे की हत्या में फरार इनामी बदमाश बीकेडी का नाम आया लेकिन विवेचना में इसकी पुष्टि नहीं हो सकी।
बीते सात अप्रैल को चौबेपुर पुलिस ने इस मामले का खुलासा कर चांदमारी स्थित अपार्टमेंट से कुख्यात अजय मरदह और उसके दो साथियों सनी सिंह व राजू सिंह को गिरफ्तार किया। जिसके बाद जेल में निरुद्ध चौबे हत्याकांड के दो चश्मदीदों से राजू की कार्रवाई शिनाख्त कराई गई।
अजय मरदह की गिरफ्तारी का सैयदराजा से भाजपा विधायक सुशील सिंह ने खुलकर विरोध किया था। वहीं, रामबिहारी चौबे के बेटे अमरनाथ ने विधायक सुशील को वारदात का सूत्रधार बताया था। साथ ही, मांग की थी कि उनका और विधायक का नार्को टेस्ट कराकर पुलिस स्थिति स्पष्ट करे।
इसके बाद विधायक सुशील ने सीएम से मुलाकात की और पुलिस के खुलासे पर सवाल उठाते हुए किसी अन्य एजेंसी से मामले की जांच कराने की मांग की थी।
इस बारे में एसएसपी नितिन तिवारी ने बताया कि पर्याप्त साक्ष्यों के आधार पर चौबे हत्याकांड का खुलासा कर तीनों आरोपियों को जेल भेजा गया था। अभी पांच और आरोपियों की गिरफ्तारी होनी बाकी है। पुलिस तथ्यों के आधार पर अपनी कार्रवाई में जुटी है।