भिटारी स्थित शक्तिपुरम कॉलोनी में सोमवार की रात नौ बजे बाइक सवार बदमाशों ने घर के सामने ही ट्रांसपोर्टर रामचंद्र यादव के बेटे शिशिर (35) को गोली मार दी।
गोली शिशिर के पेट में लगी है। इसी बीच रामचंद्र ने विरोध कर एक बदमाश को पकड़ लिया। उन्होंने बदमाश की पिस्टल छीन ली। किसी तरह दोनों बदमाश मौके से भागने में सफल रहे। घायल को कैंट इलाके के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पीड़ित का कहना है कि लूट के लिए हमला हुआ है कि जबकि इसे चुनावी रंजिश बता रही है।
शिशिर यादव महेशपुर स्थित कोलकाता ट्रांसपोर्ट दफ्तर में काम करता है। उसके पिता रामचंद्र यादव वहां मैनेजर हैं। महेशपुर में ही रामचंद्र का नेशनल कैरियर नाम से अपना ट्रांसपोर्ट भी है। उनके बड़े बेटे सुशील यहां का काम देखते हैं। सोमवार की रात करीब नौ बजे रामचंद्र और शिशिर ट्रांसपोर्ट बंद कर बाइक से घर के लिए निकले थे। घर के सामने रुके ही थे कि पल्सर सवार दो युवक पहुंचे।
एक ने शिशिर का हाथ पकड़ा और दूसरे ने पिस्टल से फायर कर दिया। गोली शिशिर के पेट में लगी। रामचंद्र ने विरोध कर बदमाश की पिस्टल छीन ली। छीना झपटी में ही बदमाश ने पिस्टल से रामचंद्र के सिर पर वार भी किया। इस बीच दोनों बदमाश पिस्टल छोड़कर वहां से भाग निकले। भागने में एक बदमाश की चप्पल भी छूट गई। घरवालों की सूचना के बाद पहुंची पुलिस ने घायल शिशिर को मलदहिया स्थित निजी अस्पताल में भर्ती कराया। इय बाबत एसओ लोहता गोपाल गुप्ता का कहना है कि शिशिर की भाभी क्षेत्र पंचायत सदस्य का चुनाव लड़ी थीं। वह चुनाव हार गईं थीं।
शुरूआती जांच में पता चला है कि चुनावी रंजिश में गोली चली है। पुलिस अन्य पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की जांच कर रही है। वहीं रामचंद्र का कहना है कि उनके बैग में रुपये थे। बदमाशों ने लूट की नियत से गोली चलाई थी।