इंस्पेक्टर, मुंशी और संतरी के खिलाफ बैठाई गई जांच
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विधानसभा चुनाव के दौरान भी वाराणसी की पुलिस हद दर्जे की लापरवाही बरत रही है। इसकी बानगी गुरुवार की भोर लंका थाने में देखने को मिली। पुलिसकर्मियों को गहरी नींद में सोता देख थाने की हवालात से एक साथ तीन बदमाश भाग निकले। गेट पर खड़े संतरी ने रोकने की कोशिश की तो तीनों ने उसकी जमकर पिटाई की।
संतरी ने शोर मचाया लेकिन पुलिसकर्मियों की कुंभकर्णी नींद नहीं टूटी और बदमाश भाग निकले। मामला उच्चाधिकारियों के संज्ञान में आने पर तीनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लंका इंस्पेक्टर, मुंशी और संतरी के खिलाफ जांच बिठा दी गई है।
बीएचयू ट्रॉमा सेंटर के समीप मंगलवार की रात तीन बदमाशों को मोबाइल छीनने के आरोप में लंका पुलिस ने हिरासत में लिया था। इनमें सीर गोवर्धनपुर का विजय यादव, विशाल और डीएम कॉलोनी का राहुल शामिल था।
तीनों की निशानदेही पर चोरी की बाइक और मोबाइल बरामद करने की पुलिस की पूरी तैयारी थी। बुधवार की रात तीनों खाना खाकर हवालात में सोए। देर रात थाने में मौजूद मुंशी रूपचंद भी सो गया।
भोर में तीनों बदमाशों की आंख खुली तो उन्होंने मुंशी को गहरी नींद में देखा। इस पर तीनोें हवालात से बाहर निकल आए। थाने के गेट पर मौजूद संतरी पीआरडी जवान भगवान दास ने तीनों को रोकना चाहा तो उसकी लात-घूसों से जमकर पिटाई कर दी।
मामले को लंका पुलिस ने दबाना भी चाहा लेकिन भेद खुल गया।
इस संबंध में सीओ भेलूपुर राजेश कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि यह घोर लापरवाही है। तीनों के खिलाफ लंका थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया है। इंस्पेक्टर तेजबहादुर सिंह, मुंशी रूपचंद और संतरी भगवान के खिलाफ जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई के लिए उच्चाधिकारियों को संस्तुति की जाएगी।