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संतरी को पीटकर लंका थाना के हवालात से भागे तीन बदमाश

Thu, 16 Feb 2017 09:33 PM IST
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी
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इंस्पेक्टर, मुंशी और संतरी के खिलाफ बैठाई गई जांच - फोटो : फाइल फोटो
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विधानसभा चुनाव के दौरान भी वाराणसी की पुलिस हद दर्जे की लापरवाही बरत रही है। इसकी बानगी गुरुवार की भोर लंका थाने में देखने को मिली। पुलिसकर्मियों को गहरी नींद में सोता देख थाने की हवालात से एक साथ तीन बदमाश भाग निकले। गेट पर खड़े संतरी ने रोकने की कोशिश की तो तीनों ने उसकी जमकर पिटाई की।
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संतरी ने शोर मचाया लेकिन पुलिसकर्मियों की कुंभकर्णी नींद नहीं टूटी और बदमाश भाग निकले। मामला उच्चाधिकारियों के संज्ञान में आने पर तीनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लंका इंस्पेक्टर, मुंशी और संतरी के खिलाफ जांच बिठा दी गई है।

बीएचयू ट्रॉमा सेंटर के समीप मंगलवार की रात तीन बदमाशों को मोबाइल छीनने के आरोप में लंका पुलिस ने हिरासत में लिया था। इनमें सीर गोवर्धनपुर का विजय यादव, विशाल और डीएम कॉलोनी का राहुल शामिल था।
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तीनों की निशानदेही पर चोरी की बाइक और मोबाइल बरामद करने की पुलिस की पूरी तैयारी थी। बुधवार की रात तीनों खाना खाकर हवालात में सोए। देर रात थाने में मौजूद मुंशी रूपचंद भी सो गया।

भोर में तीनों बदमाशों की आंख खुली तो उन्होंने मुंशी को गहरी नींद में देखा। इस पर तीनोें हवालात से बाहर निकल आए। थाने के गेट पर मौजूद संतरी पीआरडी जवान भगवान दास ने तीनों को रोकना चाहा तो उसकी लात-घूसों से जमकर पिटाई कर दी।
मामले को लंका पुलिस ने दबाना भी चाहा लेकिन भेद खुल गया।

इस संबंध में सीओ भेलूपुर राजेश कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि यह घोर लापरवाही है। तीनों के खिलाफ लंका थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया है। इंस्पेक्टर तेजबहादुर सिंह, मुंशी रूपचंद और संतरी भगवान के खिलाफ जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई के लिए उच्चाधिकारियों को संस्तुति की जाएगी।
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आरोपियों के भागने के हैं और भी कई मामले

- फोटो : अमर उजाला
पुलिस की लापरवाही के चलते आरोपियों के भागने का यह पहला मामला नहीं है। बीते 13 फरवरी को न्यायालय से बाल संरक्षण गृह ले जाया जा रहा किशोर जैतपुरा थाने के सिपाही को चकमा देकर चौकाघाट चौराहा से भाग निकला था। हालांकि उसे पकड़कर उसकी मां ने ही पुलिस को सौंप दिया।
इसके पहले बीते साल 19 दिसंबर की शाम सारनाथ पुलिस की निगरानी से अस्पताल में भर्ती एक उचक्का भाग निकला था।

उसका आज तक पुलिस पता नहीं लगा सकी। इसके पहले वर्ष 2015 के अक्तूबर महीने में रईस बनारसी जिला कारागार से बरेली ले जाए जाते समय शाहजहांपुर में कैदी वैन से कूदकर भाग निकला था। रईस की गिरफ्तारी आज भी जिला पुलिस के लिए चुनौती बनी हुई है।
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