नगर निगम वर्कशॉप में चौकीदार विजय सिंह रावत को ठिकाने लगाने से पहले हमलावरों ने घटनास्थल की रेकी की थी। उन्हें मालूम था कि वर्कशॉप से चंद कदमों पर ही पुलिस चौकी है, बावजूद इसके उन्होंने वारदात को अंजाम दिया। हमलावर वर्कशॉप की टूटी बाउंड्री से अंदर घुसे और उसी रास्ते से सामान लेकर चंपत हो गए।
नगर निगम वर्कशॉप के पीछे आशुतोष नगर कॉलोनी है। इसी तरफ की बाउंड्री टूटी है जिसमें से आसानी से दो लोग एक साथ आ-जा सकते हैं। पुलिस और मौजूद लोगों के अनुसार बदमाशों ने पहले वर्कशॉप की रेकी की। पुलिस चौकी के सामने वर्कशॉप का मेन गेट होने के कारण उधर से बदमाश नहीं घुसे।
आशुतोष नगर कॉलोनी में चार पहिया वाहन खड़ा कर बदमाश वर्कशॉप में घुसे। विजय की हत्या करने के बाद एक-एक कर बैटरी गाड़ी में रखकर ले गए होंगे। बाउंड्री के ठीक बगल में निर्माण कार्य भी चल रहा है तो कॉलोनी के किसी व्यक्ति ने देखा भी होगा तो सोचा होगा कि उसी निर्माणाधीन मकान का सामान लाया ले जाया जा रहा है।
वहीं, मुख्य द्वार का ताला खुला देखकर संभावना यह भी जताई गई कि शायद वारदात को अंजाम देने वालों को विजय पहले से जानता रहा हो। घटना की जानकारी मिलते ही एसएसपी आकाश कुलहरि मौके पर पहुंचे। गुस्साए एसएसपी ने निगम चौकी प्रभारी नरेंद्र सिंह को लाइन में आमद कराने का आदेश दिया। चेताया कि सात दिन में यदि घटना का खुलासा न कर पाना तो स्वयं पुलिस लाइन में आमद करा लेना।