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फर्जी अंकपत्र पर नौकरी कर शिक्षिका ले रही थी सैलरी, बीएसए ने बर्खास्त किया

Sun, 07 Jul 2019 11:40 PM IST
गीतार्जुन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आजमगढ़
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प्रतीकात्मक तस्वीर।
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परिषदीय विद्यालयों में निकली 16,448 भर्ती में फर्जी अंक पत्र के आधार पर नियुक्ति पाने वाली आजमगढ़ जिले में एक शिक्षिका को बीएसए ने बर्खास्त कर दिया। लेखाधिकारी और खंड शिक्षाधिकारी बिलरियागंज को बर्खास्त शिक्षिका द्वारा आहरित धनराशि की रिकवरी का भी आदेश दिया है।

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16448 शिक्षक भर्ती प्रक्रिया के तहत कु शिवमुनी यादव पुत्री बसंत यादव की नियुक्ति परिषदीय विद्यालय पर बतौर सहायक अध्यापिका हुई थी। शिवमुनी की नियुक्ति के बाद ही शहर के दलसिंगार मुहल्ला निवासी और भाजपा नेता सहजानंद राय ने शिवमुनी के नियुक्ति को गलत बताते हुए मंडलायुक्त से शिकायत की थी।

इस पर डीएम ने अर्थ एवं संख्याधिकारी की दो सदस्यीय टीम गठित कर 16,448 और 15,000 शिक्षक भर्ती के तहत नियुक्त हुए सभी शिक्षकों की जांच शुरू कराई। इस जांच प्रक्रिया में कु शिवमुनी यादव का स्नातक का अंकपत्र फर्जी पाया गया। शिवमुनी ने दोनों भर्ती प्रक्रियाओं में आवेदन किया था।
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16,448 भर्ती प्रक्रिया में उसने जो स्नातक का अंकपत्र लगाया था, उसमें अंक 1354/1800 दिखाया गया है और 15,000 में जो अंकपत्र लगाया था उसमें 978/1800 अंकित है। जांच में पता चला कि 16,448 भर्ती प्रक्रिया में लगा अंकपत्र फर्जी था और उसके आधार पर शिवमुनी ने नियुक्ति भी प्राप्त कर ली।

जांच कमेटी ने दोनों डाटा मैच कर शिवमुनी को फर्जी घोषित कर दिया। इस पर शिक्षिका को नोटिस जारी कर जांच कमेटी के समक्ष बुलाया गया लेकिन वो नहीं आई। बीएसए देवेंद्र कुमार पांडेय ने बताया कि जांच कमेटी द्वारा स्नातक की मार्कशीट में अंतर की पुष्टि कर देने के बाद सत्यापन के लिए पत्र विश्वविद्यालय को भेजा गया, लेकिन वहां से जवाब नहीं आया।

इस पर विभाग से एक व्यक्ति को जवाहर लाल नेहरू मेमोरियल पीजी कालेज बाराबंकी पर सत्यापन के लिए भेजा गया जहां पुष्ट हुआ कि अंकपत्र पर अंकित अनुक्रमांक पर सरिता देवी पुत्री गोपाल चौरसिया का नाम अंकित है। कु शिवमुनी यादव पुत्री बसंत यादव का अंकपत्र फर्जी घोषित हुआ।
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महाविद्यालय से सत्यापन रिपोर्ट मिलने पर बीएसए ने कु शिवमुनी यादव की नियुक्ति को नियुक्ति तिथि से ही निरस्त कर दिया और वित्त एवं लेखाधिकारी और खंड शिक्षाधिकारी बिलरियागंज को निर्देशित किया कि शिवमुनी द्वारा आहरित धनराशि की रिकवरी करना सुनिश्चित करें।
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