बताया जा रहा है कि वर्तमान मंदिर के पुजारी आलोक के पिता स्व रामसुबध तिवारी पांच साल पहले मंदिर में रहकर पूजा अर्चना करते थे। उनकी मृत्यू के बाद उनकी पत्नी फूलवंती दो वर्ष तक मंदिर में रहकर पूजा-अर्चना करती रहीं। उनकी मृत्यु होने के बाद दो साल से आलोक पूजा-अर्चना कर रहे थे।
सीओ नंदलाल ने बताया कि, मूर्ति को बरामद करने के लिए पुलिस टीम गठित कर दी गई है। वहीं इस मामले में पूछताछ के लिए तीन युवकों को उठाया गया है। जल्द ही मामले का खुलासा कर दिया जाएगा।
लाखों की हैं मूर्तियों की कीमत :
चोरों ने मंदिर के गर्भगृह से भगवान श्रीराम, लक्ष्मण, सीता और हनुमान की अष्टधातु की मूर्तियां चोरी की है। इनकी ऊचाई 6 इंच से 9 इंच तक है। जबकि बगल में प्राचीन पत्थर से बनी तीन फीट की श्रीराम, जानकी और लक्ष्मण की मूर्ति को छूआ तक नहीं है। इससे प्रतीत होता है कि चोर मंदिर में केवल अष्टधातु की मूर्ति ही चोरी करने आए थे। मूर्ति की कीमत के बारे में दोहरीघाट के लल्ली गुप्ता और कूपरचंद ने बताया कि मूर्ति अष्टधातु से बनी हुई हैं, जिनकी कीमत लाखों में है।