मूर्ति हटाने की सूचना पर पर पहुंची पुलिस।
कैंट थाना क्षेत्र के खजुरी स्थित तिरुपति नगर कॉलोनी में रविवार की सुबह हंगामा मच गया। हुआ यूं कि कॉलोनी में रहने वाले राधेश्याम मौर्या के मकान के परिसर में स्थापित शिवलिंग और देवी की प्रतिमा गायब थी। सुबह लोग दर्शन-पूजन करने पहुंचे तो मूर्ति न देख भड़क उठे। आरोप लगाया कि राधेश्याम ने बौद्ध धर्म अपना लिया है।
इस वजह से उन्होंने मूर्ति गायब कर दी। वहीं राधेश्याम का कहना है कि मूर्ति खंडित हो गई थी। एक संत के कहने पर उन्होंने उसे गंगा में प्रवाहित कर दिया। कहा कि उनकी बौद्ध धर्म में आस्था है लेकिन वह हैं हिंदू। पुलिस ने किसी तरह लोगों को समझा-बुझाकर मामला शांत कराया। साथ ही, राधेश्याम और उनके बेटे राकेश को थाने ले आई।
तिरुपति नगर कॉलोनी निवासी राधेश्याम मौर्या और उनका बेटा राकेश मजदूरी करते हैं। करीब एक बिस्वा जमीन में उनका मकान है। मकान के ही एक हिस्से में दुर्गा की मूर्ति और शिवलिंग स्थापित है। करीब 35 सालों से परिवार और आसपास के लोेग यहां पूजा करते हैं। रविवार की सुबह लोग पूजा करने पहुंचे तो वहां मूर्ति नहीं थी।
कुछ ही देर में पूरे मुहल्ले में यह बात फैल गई। लोगों ने मौके पर पहुंच हंगामा शुरू कर दिया। सूचना के बाद सीओ कैंट राजकुमार यादव भी पहुंचे। मुहल्ले के लोगों का कहना था कि राधेश्याम ने करीब एक साल पहले बौद्ध धर्म अपना लिया था। इस वजह से ही उन्होंने मूर्ति हटाई है। वहीं राधेश्याम का कहना है कि पुरानी होने की वजह से मूर्ति भी खंडित हो गई थी।
विवाद के दौरान ही पुलिस ने मुहल्ले के लोगों से तहरीर मांगी लेकिन किसी ने तहरीर नहीं दी। सीओ कैंट का कहना है कि फिलहाल राधेश्याम और राकेश को हिरासत में ले लिया है। शांति भंग में उनका चालान किया जाएगा।