नए साल पर जिले में घुसकर नक्सली किसी घटना को अंजाम दे सकते है। इसकी खुफिया तंत्रों से जानकारी मिलने के बाद एसपी ने बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश बार्डर को 72 घंटे के लिए सील कर दिया है। जंगली रास्तों पर विशेष नजर रखी जा रही है। सीआरपीएफ आने-जाने वालों की तलाशी ले रही है।
बतादें कि चोपन थाना क्षेत्र के बेलछ जंगल में वर्ष 2012 में मुठभेड़ के दौरान पुलिस ने दुर्दांत नक्सली मुन्ना विश्वकर्मा और उसके साथियों को गिरफ्तार कर यूपी से नक्सलियों का नामोंनिशान मिटा कर दिया था।
28 फरवरी 2015 से 15 दिसंबर तक 2016 के बीच बिहार, झारखंड और छत्तीसगढ़ में नक्सली वारदातों को अंजाम देने के बाद कुछ नक्सली जिले के सीमावर्ती इलाकों में पनाह लेने का प्रयास शुरू कर दिए है। क्योंकि वर्ष 1997 से 2007 तक नक्सली बार्डर से सटे जंगलों में शरण लेकर बचते रहे है।
सूत्रों की मानें तो खुफिया एजेंसियों से मिली जानकारी के अनुसार यूपी में घट चुकी साख को पूरा करने के लिए माओवादी सुधाकर उर्फ शरद नववर्ष पर यूपी के सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली समेत अन्य जिलों में नक्सली घटनाओं को अंजाम देने की फिराक में है। इसकी जानकारी होने के बाद पुलिस की नींद हराम हो गई है।
एसपी लल्लन सिंह का कहना है कि माओवादी सुधाकर यादव अपने साथियों के साथ बिहार बार्डर पर भ्रमण कर रहा है कि सूचना मिलने के बाद जिले से सटे राज्यों की बार्डर को एक जनवरी तक के लिए सील कर दिया गया है।
नक्सल इलाकों के थाना/चौकी प्रभारियों से पल-पल की खबर ली जा रही है। नक्सल एएसपी डॉ. अवधेश सिंह बार्डर पर तैनात फोर्स की मानिटरिंग कर रहे है।