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अवैध खनन का हाल, कोई खान अधिकारी तो कोई आइएएस का रिश्तेदार

Thu, 29 Jun 2017 01:47 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला, सोनभद्र
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illegal mining in sonbhadra - फोटो : अमर उजाला
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खान विभाग में वर्षों से जमे खनिज लिपिक और मुहर्रिर फर्श से अर्श तक का सफर तय कर चुके हैं। इसमें कोई पूर्व के खान अधिकारी तो कोई आईएएस का रिश्तेदार है। किसी ने समायोजन के जरिए खनिज विभाग में इंट्री मार ली तो कुछ भाई-भतीजे को ढाल बनाते रहे।
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तैनाती के दौरान अधिकारी, सर्वेयर और लिपिक यहां के खनन में हिस्सेदारी करते रहे हैं। माफिया-प्रशासनिक गठजोड़ के बीच मजबूत पैठ बनाकर इन्होंने लखनऊ, कुकरैल, दिल्ली, इलाहाबाद, वाराणसी और जैसे बड़े शहरों में अच्छी-खासी संपत्ति भी खड़ी कर ली।

यहां बात करते हैं जिले के सृजन के समय से ही यहां कुंडली जमाए खनिज लिपिक/मोहर्रिर राजेश राय की। राजेश को 1989 में मृतक आश्रित कोटे में मिर्जापुर डीएम कार्यालय में तैनाती मिली। इसके बाद इसने इसी साल गठित हुए अलग जिला सोनभद्र के खनिज विभाग में समायोजन करा लिया।
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राजेश की 24 साल की नौकरी सोनभद्र में ही है। बीच में थोड़े-थोड़े समय के लिए तीन-चार बार तबादला हुआ और हर बार अधिकारियों-नेताओं से सिफारिशी पत्र इसे वापस सोनभद्र लाते रहे। तीन जनवरी को भी राजेश राय का स्थानांतरण वाराणसी के लिए हुआ था लेकिन न जाने कैसे रुक गया।

अब फिर तबादला हुआ तो रोकवाने के लिए पूरी जुगत शुरू हो गई। इसी तरह अब्दुल गनी अंसारी दस साल से, कुंदन वर्मा भी लंबे समय से जमे हुए हैं। इन्हें एक आईएएस का रिश्तेदार बताया जाता है। रंजन वर्मा पूर्व खान अधिकारी बीएल दास के रिश्तेदार हैं।

इनकी नियुक्ति चतुर्थ श्रेणी कर्मी के रूप में हुई बाद में पदोन्नति हासिल कर मुहर्रिर बन गए। इसी तरह अरशद इकबाल को भी चतुर्थ श्रेणी कर्मी के रूप में तैनाती मिली थी। पदोन्नति के जरिए मुहर्रिर बन गए।
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गठजोड़ के चलते नहीं होती बड़ी मछलियों पर कार्रवाई

सोनभद्र, क्राइम - फोटो : SELF
खनिज महकमे में मंगलवार रात एक साथ हुए सात तबादलों से पूरे दिन हड़कंप की स्थिति रही। स्थानांतरित कर्मी जहां अपने टेबलों पर मौजूद रहे वहीं तबादला निरस्त कराने में गुणा-गणित लगाते रहे। बुधवार शाम तक एक भी कर्मी को रिलीव नहीं किया गया।

वहीं गठजोड़ के चलते इस बार भी बड़ी मछलियां पर कार्रवाई नहीं हो सकी। कर्मियों की ऊंची रसूख को लेकर चर्चा में रहने वाला खनिज विभाग एक बार फिर सुर्खियों में हैं।

अमर उजाला की खबर को संज्ञान में लेकर शासन स्तर से गाज गिराते हुए खनिज लिपिक/मुहर्रिर के हुए 15 तबादलों में जहां जिले के खनिज कार्यालय से छह लिपिकों (राजेश कुमार राय, रामजीवट दुबे, अरशद इकबाल, कुंदन कुमार, अब्दुल गनी अंसारी, रंजन वर्मा) को स्थानांतरण आदेश थमाया गया। वहीं एक खनिज सर्वेयर (राजनाथ) को भी यहां से चलता करने का आदेश जारी हुआ।

राजनाथ पूर्व में बीमारी का हवाला देते हुए मुख्यालय तबादला करने की मांग कर चुके थे। वहीं बड़ी मछलियों पर पूर्व की भांति इस बार भी अब तक किसी तरह की कार्रवाई सामने न आने से, माफिया-प्रशासनिक गठजोड़ को लेकर चर्चाएं जारी रहीं।   सभी को जल्द कर देंगे रिलीव: खनन प्रभारी सोनभद्र। अतिरिक्त मजिस्ट्रेट एवं खनन प्रभारी अशोक कुमार यादव ने कहा कि सुबह खनिज कर्मियों के तबादले की सूची फैक्स के जरिये मिली है। जिलाधिकारी के निर्देश पर सभी को रिलीव किया जा रहा है। चूंकि तबादला आदेश में तत्काल ज्वाइन करने को कहा गया है हर हाल में आज कल में सभी को रिलीव कर दिया जाएगा।
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