सोमवार को तेरहवीं व मृत्युभोज होगा। इसमें भारी तादाद में गोंड़ बिरादरी के लोगों के एकत्रित होने की संभावना जताई जा रही है। बहादुर गोंड़, रामपति ने बताया कि मृत्यु व अंतिम संस्कार के हिसाब से शनिवार को ही दसवां संस्कार होना चाहिए था। लेकिन उभ्भा कांड में मृतकों के तमाम परिजन घायल होकर अस्पतालों में भर्ती थे, जिनके उभ्भा आने का इंतजार किया जा रहा था। उनके उभ्भा आने के बाद गोंड़ समाज के लोगों ने त्रिरात्रि परंपरा के अनुसार दसवां संस्कार व तेरहवीं संस्कार किए जाने का निर्णय लिया।