टीम ने घटना और जमीन से संबंधित दस्तावेजों की नकल ली। करीब एक घंटे तक उभ्भा गांव में जांच पड़ताल करने के बाद एसआईटी टीम घोरावल कोतवाली पहुंची।वहां उभ्भा गांव में कथित सोसायटी की जमीन को लेकर हुए विभिन्न विवादों और उस पर हुई कार्रवाई की जानकारी ली। मामले से संबंधित विभिन्न पत्रावलियों का गहन निरीक्षण किया।
एसआईटी के डीआईजी जे रविंद्र गौड़ ने बताया कि टीम के सदस्यों के साथ उन्होंने उभ्भा गांव में जाकर पीड़ितों और ग्रामीणों से मुलाकात की। उनसे वार्ता कर घटना के विभिन्न पहलुओं पर जानकारी ली। कहा कि घटना घटने के कारणों की छानबीन तो की ही जाएगी, इसमें पुलिस और राजस्वकर्मियों की भी भूमिका जांची जाएगी। दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश की जाएगी।
उन्होंने बताया कि 1955 से लेकर 17 जुलाई 2019 तक हुई सभी कार्रवाई की टीम जांच करेगी। इसको लेकर मिर्जापुर और सोनभद्र दोनों जिलों में जांच की जाएगी। डीआईजी ने बताया कि तीन महीने के भीतर जांच पूरी कर ली जाएगी। इसके बाद कार्रवाई की संस्तुति करते हुए रिपोर्ट शासन को सौंप दी जाएगी। बताते चलें कि टीम मंगलवार को ही जिले में पहुंच गई। जांच पूरी होने तक के लिए चुर्क स्थित गेस्ट हाउस को ही अस्थाई दफ्तर बनाया गया है।