खुशी है कि पापा के त्रयोदशाह से पहले ही पुलिस ने यह काम कर दिया। अपराधियों के साथ पुलिस को ऐसे ही पेश आना चाहिए। पवन ने कहा कि पापा की हत्या में शामिल अन्य बदमाशों को भी ऐसी ही सजा मिलनी चाहिए।
दरोगा दुर्गविजय के भाई शेषनाथ सिंह रामनगर में पीएसी की 36वीं बटालियन में हेड कांस्टेबल हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस ने बदमाशों को मुठभेड़ में मारकर मेरे परिवार के लोगों के दर्द को कुछ कम किया है। दरोगा दुर्गविजय सिंह मऊ के दतौली गांव के मूल निवासी थे। वह नगर के तड़बनवा में मकान बनवाकर परिवार के साथ रहते थे।
मन में दुख, सीएम ने नहीं व्यक्त की शोक संवेदना :
पवन कुमार सिंह, शेषनाथ सिंह, दरोगा की पत्नी इंदू सिंह ने कहा कि हम लोगों के मन में इस बात का दुख है कि इस घटना के लिए मुख्यमंत्री ने शोक संवेदना तक व्यक्त नहीं की। यही नहीं, कोई जनप्रतिनिधि भी संवेदना व्यक्त करने नहीं आया।