उनके साथ ही जौनपुर से स्थानांतरित हो कर आए उनके साथी एसआई दीपचंद राम बताते हैं कि दुर्ग विजय सिंह काफी मृदुभाषी और सहयोगी स्वभाव के व्यक्ति थे। वह हर किसी की मदद को तत्पर रहते थे। वह शुरू में सिपाही थे।
पदोन्नति के बाद हेड कांस्टेबल और फिर एसआई बने थे। हेड कांस्टेबल बनने पर जौनपुर में यूपी 100 में भी काम किया था। उसके बाद मिर्जापुर स्थानांतरित होने पर पुलिस लाइन में ही रहे।