यूपी की योगी सरकार कानून बनाकर गो वंश की रक्षा करने में जुटी हुई है। वहीं दूसरी तरफ बुधवार को नगर स्थित नई सट्टी में घायलावस्था में बड़े बछड़े को देख मुस्लिम सामाजिक कायकर्ता ने इसकी सूचना इओ नगर पालिका को दी।
ईओ ने स्वास्थ्य विभाग को सूचना दिए जाने की बात कहकर अपना पलड़ा झाड़ लिया। बछड़े के इलाज के लिए लोगों का प्रयास जब तक फलीभूत होता तब तक उसने दम तोड़ दिया। बाद में मौके पर पहुंचे नगर पालिका कर्मी उसके शव को निस्तारण करने के लिए अपने साथ ले गए।
घटना के बाद बरबस लोगों के मुंह से निकल गया की यह सरकारी तंत्र है नहीं सुधरेगा। प्रदेश में गो वंश की हत्या को लेकर तमाम हो हल्ला रहा है। इसी नाम पर अवैध बूचड़खानों पर ताले भी लगा दिए गऐ है। लेकिन कोई भी गाय या फिर बछड़ा घायल हो जाए तो उसकी सुधि लेना वाला कोई नहीं है।
हद तो तब और हो जाती है जब अधिकारी अपने क्षेत्र से बाहर होने की बात कहकर पल्ला झाड़ लेते हैं। ताजा मामला मुगलसराय स्थित नई सट्टी का है। कुछ दिनों पूर्व सड़क पर विचरण के दौरान किसी गाड़ी से एक बछड़े को धक्का लगने से वह चोटिल हो गया।
बुधवार की दोपहर वह नई सट्टी में वह अचानक गिर पड़ा। आस पास के लोगों ने उसकी चोट पर पट्टी बांधकर पानी पिलाने का प्रयास किया लेकिन उसकी हालत में सुधार नहीं हुआ। तभी बाजार में सब्जी खरीद रहे सामाजिक कार्यकर्ता नदीम की नजर जब इस पर पड़ी तो उसने इसकी सूचना ईओ नगर पालिका धर्मराज सिंह यादव को दी और बछड़े के इलाज कराए जाने की बात कही।
बकौल नदीम ईओ ने मदद करने के बजाए इसकी जानकारी स्वास्थ्य विभाग को देने की बात कहकर किनारा कर लिया। बाद में उन्होंने इसकी शिकायत डीएम को की। इस बीच लगभग दो घंटे तक बछड़ा सड़क किनारे ही तड़पड़ता रहा और जब तक पशु चिकित्सक तक मामला पहुंचता तब तक उसने दम तोड़ दिया।
ईओ नगर पालिका धर्मराज सिंह यादव ने बताया कि उनके यहां पशु चिकित्सक नहीं है। घायल पशुओं का इलाज करना पशु चिकित्साधिकारी की जिम्मेदारी है लेकिन जब नगर में कोई पशु मर जाता है तो उसे हटाने का कार्य नगर पालिका का है।