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काशी में साईं बाबा की प्रतिमा क्षतिग्रस्त,स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सहित 20 अज्ञात के खिलाफ मुकदमा

Wed, 23 May 2018 09:31 PM IST
क्राइम डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
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वाराणसी के औसानगंज, गुलाबबाग स्थित उरवेश्वर महादेव मंदिर में स्थापित साईं बाबा की प्रतिमा बुधवार को कुछ अराजकतत्वों ने क्षतिग्रस्त कर दी। जिस समय यह घटना हुई ज्योतिषपीठाधीश्वर शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती के शिष्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती मंदिर से अपने अनुयायियों के साथ बाहर निकल रहे थे।
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मामले को लेकर मंदिर के सीसीटीवी कैमरे की फुटेज के आधार पर जैतपुरा थाने में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और किशन जायसवाल के अलावा 20 अज्ञात के खिलाफ बलवा, धर्म का अपमान करने के आशय से उपासना स्थल को क्षतिग्रस्त करने सहित अन्य आरोपों और सेवन सीएलए के तहत मुकदमा दर्ज कराया गया है।

काशी में स्थापित हजारों वर्षों पुराने मंदिर और मूर्तियों को बचाने की मुहिम को लेकर काशी यात्रा पर निकले स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और उनके अनुयायी बुधवार की सुबह 10 बजे के लगभग उरवेश्वर महादेव मंदिर पहुंचे थे।
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उनके मंदिर से बाहर निकलने के बाद आसपास के लोगों ने देखा कि साईं बाबा की प्रतिमा क्षतिग्रस्त है। मंदिर के सीसीटीवी कैमरे की फुटेज देखी गई तो स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के पीछे से उनके कुछ अनुयायी तेजी से बाहर भागते नजर आए।

इलाकाई लोगों ने इसे लेकर हंगामा शुरू कर दिया। मौके पर पहुंचे इंस्पेक्टर जैतपुरा ने आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का आश्वासन देकर उन्हें शांत कराया। मामले को लेकर क्षेत्रीय पार्षद सुनील यादव, अभिषेक जायसवाल, संतोष कश्यप, संदीप चौरसिया, रामचंद्र गुप्ता सहित 10 लोगों की तहरीर पर जैतपुरा थाने में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद समेत अन्य के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।

एहतियातन मौके पर फोर्स तैनात की गई है। इस बारे में एसपी सिटी दिनेश कुमार सिंह ने बताया कि विवेचना में सामने आए साक्ष्यों और तथ्यों के आधार पर आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा।
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स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद घूम रहे मंदिर-मंदिर, बांट रहे पर्चियां

Swaamishreeh avimukteshwaraanandah - फोटो : अमर उजाला
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने अपने अनुयायियों के साथ 16 मई से 14 दिन की मंदिर बचाओ-धरोहर बचाओ यात्रा शुरू की है। काशी के मंदिरों में जाकर दर्शन-पूजन के साथ ही वह लोगों से अपील कर रहे हैं कि काशी विश्वनाथ परिक्षेत्र सहित शहर के अन्य स्थानों में स्थित पौराणिक धरोहरों को सुंदरीकरण के नाम पर तोड़ने से बचाया जाए।

इसके लिए स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के अनुयायी आमजन के बीच पर्ची बांट रहे हैं। हालांकि साईं बाबा की प्रतिमा क्षतिग्रस्त होने के बाद अविमुक्तेश्वरानंद विवादों में घिर गए हैं।

बता दें कि इससे पहले वर्ष 2015 में गोदौलिया चौराहा पर गणेश मूर्ति विसर्जन को लेकर भी अविमुक्तेश्वरानंद पुलिस और प्रशासन के रडार पर थे। वहीं, समूचा मामला दिन भर शहर के व्हाट्स एप ग्रुपों पर भी तेजी से वायरल हुआ।

हम तो बचाने निकले हैं, भला तोड़ेंगे क्यों
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि जो व्यक्ति मूर्तियों को टूटने से बचाने के लिए पदयात्रा पर निकला है, भला वो मूर्ति क्यों तोड़ेगा। मूर्ति को तोड़े जाने का मामला पूरी तरह से साजिश है।

विश्वनाथ मंदिर परिक्षेत्र में इतनी मूर्तियां तोड़ी गईं लेकिन न तो किसी ने संज्ञान लिया और ना मुकदमा दर्ज किया गया। यह पूरी तरह से असली मुद्दे से भटकाने की कोशिश की जा रही है।
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