वाराणसी के लंका थाना क्षेत्र के सुसुवाही में बुधवार की रात करीब नौ बजे घर में घुस आए लुटेरे ने मासूम बच्ची के रोने पर उसे दूसरी मंजिल से नीचे फेंक दिया। फिर पचास हजार रुपये मूल्य से अधिक के जेवरात और सात हजार रुपये नगद समेटकर भाग निकला। लुटेरा जिस कमरे में घुसा था, वहां मासूम अकेली सोयी थी।
कुछ देर बाद बच्ची की मां जब कमरे में पहुंचीं तो उसे वहां नहीं देख होश उड़ गए। वहां रखी आलमारी भी खुली हुई थी। सामान बिखरे पड़े थे। घर के पीछे झाड़ी से बच्ची के रोने की आवाज सुन परिवारीजन वहां पहुंचे। घायल बच्ची को बीएचयू ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया है।
उधर पुलिस ने मौके का मुआयना करने के बाद लूट की घटना को प्रथम दृष्टया संदिग्ध बताया है।
सुसुवाही स्थित यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के समीप दूकानदार कन्हैयालाल गुप्ता का मकान है। कन्हैयालाल ने बताया कि बुधवार की रात नौ बजे के लगभग उनकी बहू मनीषा देवी अपनी दो साल की बेटी संध्या को प्रथम तल स्थित कमरे में सुलाकर नीचे किचन में काम कर रही थी।
कुछ देर बाद वह जब अपने कमरे में गईं तो आलमारी खुली थी और सामान बिखरा था। संध्या भी बेड पर नहीं थी। मनीषा के शोर मचाने पर मौके पर पहुंचे घरवालों ने खोजबीन शुरू की। तभी पासपड़ोस के लोगों ने घर के पीछे झाड़ी से किसी बच्चे के रोने की आवाज आने की जानकारी दी।
सभी भाग कर पीछे गए तो मासूम वहां बेहाल पड़ी थी। घरवालों को आशंका है कि लुटेरा जब आलमारी खोल रहा था तभी मासूम जगकर रोने लगी होगी। पकड़े जाने के भय से लुटेरा मुंह दबाकर उसे छत पर ले गया और नीचे फेंक दिया।
घटना से कन्हैयालाल और उनका परिवार दहशत में है। इस बारे में लंका इंस्पेक्टर तेज बहादुर सिंह ने बताया कि घटना के बारे में कोई तहरीर नहीं दी गई है। प्रथम दृष्टया मामला संदिग्ध लग रहा है। छानबीन की जा रही है। उधर, ट्रॉमा सेंटर में भर्ती मासूम की हालत खतरे से बाहर बताई गई है।