न्यायालय में समर्पण करने पहुंचे राकेशधर त्रिपाठी।
आय से अधिक संपत्ति और भ्रष्टाचार के मामले में प्रदेश के पूर्व मंत्री राकेशधर त्रिपाठी की नियमित जमानत अर्जी खारिज करते हुए सोमवार को विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार निवारण शशिकांत उपाध्याय की अदालत ने जेल भेज दिया। इस मामले में पूर्व मंत्री ने बीते 19 अक्तूबर को हाईकोर्ट के आदेश से न्यायालय में आत्मसमर्पण किया था तब से वह अंतरिम जमानत पर थे। सोमवार को हुई सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष के एडीजीसी मुन्नालाल यादव ने राकेशधर की नियमित जमानत अर्जी का विरोध किया जिसे न्यायालय ने स्वीकार कर लिया।
बसपा सरकार में उच्च शिक्षा मंत्री रहे भदोही के सिंहपुर निवासी राकेशधर त्रिपाठी के खिलाफ सतर्कता अधिष्ठान की ओर से इलाहाबाद के मुट्ठीगंज थाने में 18 जून 2013 को आय से अधिक संपत्ति, भ्रष्टाचार सहित अन्य आरोपों में मुकदमा दर्ज कराया गया था। आरोप था कि राकेशधर त्रिपाठी की मई 2007 से दिसंबर 2011 तक कुल अर्जित आय 45 लाख 82 हजार 215 रुपये थी जबकि उन्होंने एक करोड़ 81 लाख 20 हजार रुपया खर्च किया जो अर्जित आय से 295 फीसदी ज्यादा रकम थी।
इस तरह एक करोड़ 35 लाख 38 हजार रुपये का भ्रष्टाचार पाते हुए बीते 14 मार्च को न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया गया। मामले को लेकर राकेशधर ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की। इस पर बीते 23 सितंबर को हाईकोर्ट ने 30 दिन के भीतर उन्हें संबंधित कोर्ट में समर्पण करने का आदेश दिया।