दूसरे दिन भी चला बुलडोजर, साइट आफिस सहित अन्य निर्माण ध्वस्त
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रेलवे ब्रिज निर्माण के फर्जी ठेके के आधार पर हाईप्रोफाइल तरीके से ठगी का धंधा किए जाने के खुलासे ने रेलवे महकमे में हड़कंप मचा दिया है। प्रकरण में जहां आरपीएफ को आरोपी को दबोचकर पूरे रैकेट को बेनकाब करने के निर्देश दिए गए हैं।
वहीं कागजों में हेराफेरी कर करोड़ों की कंपनी खड़ी कर रेलवे की कई बीघे जमीन कब्जा करने, रेलवे अधिकारियों को फर्जी कागजातों के आधार पर गुमराह करने के मामले में अनपरा पुलिस को भी तहरीर सौंप दी गई है।
वहीं दूसरे दिन भी अतिक्रमण स्थल पर बुलडोजर चलाकर कथित कंपनी के साइट आफिस सहित अन्य निर्माण को ध्वस्त कर दिया गया। फर्जी ठेके की आड़ में आपूर्ति लिए गए माल को कहां-कहां खपाया गया, इसकी भी जानकारी जुटाई जा रही है।
रेलवे सूत्रों के मुताबिक सोनभद्र जिले के कहुआनाला के पास एक इंजीनियरिंग कंपनी लिमिटेड के नाम का बोर्ड लगाकर कई महीने से लोगों से ब्रिज निर्माण के लिए आपूर्ति लेकर, उसे दूसरों के यहां खपाने का हाईप्रोफाइल ठगी का धंधा तेजी से चल रहा था, लेकिन सामग्री आपूर्तिकर्ताओं को दिए गए चेक जब एक-कर अनादरित होने लगे तो कथित ठेके और कंपनी दोनों पर सवाल उठने शुरू हो गए।
कई लोगों ने रेलवे और पुलिस को मामले की सूचना दी लेकिन ध्यान तो दूर रेलवे के लोग ही ठेके को सही बताने में लगे रहे। इस बीच बैढ़न, शक्तिनगर और अनपरा क्षेत्र के कई लोगों के साथ एमपी के एक विधायक पुत्र भी ठगी की जद में आए तो मामला डीआरएम तक पहुंच गया।