बलिया में छात्रा रागिनी दूबे की हत्या से उसके पिता जितेंद्र दूबे मर्माहत हैं। उन्होंने प्रदेश सरकार के सुरक्षा इंतजामों पर पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार अगर बेटियों को सुरक्षा नहीं दे सकती तो कम से कम कन्या भ्रूण हत्या की इजाजत दे दे। इससे समाज में पिता को इस तरह की जलालत नहीं झेलनी पड़ेगी।
चार बेटियों के पिता जितेंद्र दुबे ने बेटी रागिनी की सरेआम निर्मम हत्या को लेकर ये बातें कहीं। उन्होंने बताया कि युवक की हरकतों से परेशान होकर उन्होंने उसके घर वालों से शिकायत भी की थी। लेकिन कुछ नहीं हुआ।
जितेंद्र दूबे ने बताया कि आरोपियों द्वारा धमकी दी जा रही है, इससे वह बहुत आहत है। कहा कि आरोपित ग्राम प्रधान को सत्ता और विपक्ष दोनों का संरक्षण मिल रहा है। उसके खिलाफ जो कार्रवाई हुई, उससे वह संतुष्ट नहीं हैं।
एक सवाल के जबाब में बताया कि उनकी बेटी की सरेराह हत्या करने के बाद भी पुलिस ने जो उदासीनता दिखाई वह सही नहीं थी। बताया कि घटना की सूचना देने के दो घंटे बाद शहर कोतवाल अस्पताल पहुंचे थे। काफी देर बाद एएसपी एवं सीओ पहुंचे।
उन्होंने पुलिस अधिकारियों से कहा कि आरोपी घटना के बाद उन्हें बार-बार धमका रहे हैं। फिर भी कोई कठोर कार्रवाई नहीं की जा रही है। घटना के बाद से भाजपा के बैरिया विधायक सुरेंद्र सिंह, राज्यमंत्री उपेंद्र तिवारी और नगर विधायक आनंद स्वरुप शुक्ला दो बार आए है।
फिर भी मृतका के पिता ने कहा मुख्य आरोपी का पिता ग्राम प्रधान है जिसका लाभ वह ले रहा है। उसे सत्ता पक्ष और विपक्ष का लाभ मिल रहा है।