धमाके के बाद मौके पर बिखरे जले सिलेंडर।
छोटे गैस सिलेंडरों की अवैध रिफिलिंग किसी दिन घनी बसावट वाले इस शहर के लिए बड़े नुकसान का कारण बन सकती है। जिला आपूर्ति विभाग और पुलिस की शह पर शहर में दर्जनों स्थान ऐसे हैं, जहां सड़क किनारे ही यह गोरखधंधा खुलेआम चलता है। पुलिस और प्रशासन के आलाधिकारी भी इन रास्ताें से गुजरते हैं लेकिन कभी कोई कार्रवाई की जहमत नहीं उठाता। लल्लापुरा पुलिस चौकी से चंद कदम दूर स्थित दूकान में बुधवार को एलपीजी सिलेंडरों में हुए धमाके इसी का नतीजा बताए जा रहे हैं।
शहरी इलाके में निम्न आय वर्ग के लोग पांच किलो और दो किलो के छोटे गैस सिलेंडर का इस्तेमाल खाना बनाने के लिए करते हैं। अवैध रिफिलिंग करने वाले 50 रुपये ज्यादा देकर गैस कंपनियों के ट्रॉली वालों से घरेलू गैस सिलेंडर खरीदते हैं और लोहे की एक छोटी से मशीन के सहारे छोटे सिलेंडरों में गैस भरते हैं। इसी के लिए करौंदी, सुसुवाही, भगवानपुर, छित्तूपुर, सीरगोवर्धनपुर, सामने घाट अस्सी, शिवाला, गोदौलिया सहित शहर के कई इलाकों में गैस की अवैध रिफिलिंग का काम होता है। इन इलाकों के चिह्नित क्षेत्रों में सड़कों के किनारे खड़े होते ही एलपीजी की गंध इतनी तेज आती है कि आम आदमी भी आसानी से समझ जाता है कि यहां गैस की अवैध रिफिलिंग का काम होता है। मगर, पुलिस और आपूर्ति विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को यह तीखी गंध समझ में ही नहीं आती और लोगों की जान पर भारी पड़ सकने वाला यह खेल खुलेआम जारी है।
बुधवार को धमाके के बाद सहमे लल्लापुरा के लोगों का कहना था कि गैस की अवैध रिफिलिंग के खिलाफ अभियान चलाकर कार्रवाई होनी चाहिए। एसएसपी आकाश कुलहरि ने कहा कि इस संबंध में जिला आपूर्ति अधिकारी से बात की जाएगी। सभी थानाध्यक्षों को इस संबंध में अलर्ट रहकर आपूर्ति विभाग का सहयोग करने के लिए कहा गया है। आमजन की जान पर संकट बनने वालों से कड़ाई से निबटा जाएगा।
सिलसिलेवार धमाके की सूचना पाकर पहुंचे सीओ चेतगंज अनुराग आर्या ने ईशा की दूकान के आसपास की दूकानों और घरों को तत्काल खाली कराया। इसके साथ ही इलाके को सील करते हुए लोगों की आवाजाही पर रोक लगा दी। क्षेत्रीय लोगों ने भी पुलिस का सहयोग किया और आग बुझाने के काम में मदद की। सीओ चेतगंज ने कहा कि पूरे मामले की जांच कराएंगे और यदि इसमें पुलिसकर्मियों की संलिप्तता सामने आई तो उनके खिलाफ भी विभागीय कार्रवाई होगी। उधर, संकरा इलाका होने के कारण फायर ब्रिगेड की गाड़ियों को ईशा की दूकान में लगी आग बुझाने के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। अग्निशमन अधिकारी राकेश राय ने बताया कि रह-रह कर हो रहे धमाकों के बीच आग पर काबू पाना और फैलने से रोकना बड़ी चुनौती था। इलाकाई लोेगों के सहयोग और दमकल विभाग के कर्मियों के साहस की बदौलत समय रहते आग पर काबू पा लिया गया।