झोपड़ी पर लगा लाल झंडा
ऐसे में शैलेंद्र बिंद की 80 वर्षीय मां, दो भैंस और चार बकरियां घर के अंदर ही कैद हो गई हैं। बगल के दूसरे के घर से बांस की सीढ़ी के सहारे परिवार के लोग घर में आ-जा रहे हैं और वृद्धा को खाना-पानी देने के साथ ही मवेशियों को चारा-पानी दे रहे हैं।
पीड़ित शैलेंद्र बिंद जिलाधिकारी एवं उपजिलाधिकारी को मामले से अवगत कराते हुए न्याय दिलाने की फरियाद की है। पीड़ित का कहना था कि घर का दरवाजा कई दशकों से उत्तर तरफ था, जिससे परिवार के लोग आते-जाते थे।
अधिकारियों के निर्देश पर गुरुवार को जब सेवराई तहसीलदार अजीत सिंह मौके पर पहुंचे तो दर्जनों महिला पुरष दबंगों द्वारा अभद्रता किए जाने के बाद वह वापस चले गए। इस संबंध में तहसीलदार अजीत सिंह ने बताया कि मैं जब पहुंचा तो महिला एवं पुरुष विवाद करने लगे। पर्याप्त पुलिस ना होने के कारण वापस लौटना पड़ा। जल्द ही पर्याप्त संख्या में पुलिस बल की मौजूदगी में दीवार को तुड़वाकर मकान का दरवाजा खुलवाया जाएगा।