नौकरी दिलाने का झांसा देकर एक विवाहिता के साथ दुराचार किए जाने का मामले रविवार को सामने आया है।
वारदात को अंजाम देने वाला आरोपी आरपीएफ का दरोगा बताया गया है। विवाहिता की तहरीर पर सिगरा पुलिस आसनसोल में तैनात आरपीएफ के दरोगा एनके सिंह के खिलाफ दुराचार सहित अन्य आरोपों में मुकदमा दर्ज कर जांच में जुट गई है।
बिहार के बक्सर जिले की पीड़िता ने बताया कि कैंट रेलवे स्टेशन पर एनके सिंह से उसकी मुलाकात हुई थी।
उसने खुद को आरपीएफ सब इंस्पेक्टर बताया था। दोनों की बातचीत होने लगी और दोस्ती हो गई। इस बीच एनके सिंह ने आरपीएफ में नौकरी दिलाने के नाम पर उससे डेढ़ लाख रुपया लिया।
27 जनवरी को उसने फोन कर उसे मुगलसराय बुलाया और कहा कि वाराणसी चलना है। वहां सांसद जी से नौकरी की बात पक्की करनी है। दोनों मुगलसराय से कैंट रेलवे स्टेशन आए।
यहां एनके सिंह उसे कैंट के पास विजयनगरम मार्केट स्थित एक गेस्ट हाउस लेकर गया। विवाहिता का आरोप है कि वहां रात में एनके सिंह ने उसके साथ दुराचार किया। 28 जनवरी की सुबह दोनों ने कमरा छोड़ दिया और कैंट रेलवे स्टेशन गए।
एनके सिंह उसके कागजात फोटोकॉपी कराने गया तो फिर वापस नहीं आया। विवाहिता ने बताया कि वह उसकी काफी खोजबीन की लेकिन वह नहीं मिला। काफी खोजबीन के बाद भी उसका पता नहीं लगा तो वह पुलिस से शिकायत की।
महिला की शिकायत पर सिगरा पुलिस गेस्ट हाउस पहुंच कर पड़ताल की। वहां पता चला कि आरपीएफ के दरोगा एनके सिंह के परिचय पत्र की फोटोकॉपी आईडी प्रूफ के तौर पर जमा है। पीड़िता का ससुराल मऊ के मुहम्मदाबाद गोहना में है।
फिलहाल मेडिकल मुआयना के बाद उसे नारी संरक्षण गृह में रखा गया है। आरपीएफ से भी इस संबंध में जानकारी जुटाई जा रही है।