वाराणसी चौक थाने से चंद कदम दूर ठठेरी बाजार मोड़ स्थित संजय अग्रवाल की सराफा दूकान से साढ़े तीन करोड़ से अधिक कीमत के जेवरात लूटने वाले डकैतों की तलाश में क्राइम ब्रांच और एसटीएफ की 16 टीमों ने पूर्वांचल से लेकर पश्चिमी यूपी और बिहार तक ताबड़तोड़ छापे मारे।
शनिवार की देर रात से रविवार की देर रात तक वाराणसी, जौनपुर, आजमगढ़, गाजीपुर, चंदौली और मऊ में संभावित ठिकाने खंगाले गए। पश्चिमी यूपी और बिहार में भी पुलिस टीमें डेरा डाले हुए हैं। इस बीच, सीसीटीवी फुटेज से नौ संदिग्धों की तस्वीरें पुलिस के हाथ लगी हैं।
इनमें तीन बाइक पर सवार हैं जबकि छह उनके पीछे भागते हुए। इस आधार पर पुलिस अब इस नतीजे पर पहुंची है कि डकैतों की संख्या छह नहीं बल्कि नौ थी। बदमाशों का स्केच इलाहाबाद से बुलाए गए एक्सपर्ट तैयार कर रहे हैं।
पुलिस का कहना है कि संजय अग्रवाल और उनके कर्मचारियों ने बदमाशों का जो हुलिया बताया है, उस आधार पर एक्सपर्ट स्केच बना रहे हैं। इन स्केचों को सीसीटीवी फुटेज में कैद संदिग्धों की तस्वीरों से मिलान कराया जाएगा। ठठेरी बाजार गली और चौक-मैदागिन मार्ग की 19 दूकानों के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज जुटाई गई है।
नौ संदिग्धों की जो तस्वीरें सामने आई हैं, उनमें एक पिट्ठू बैग लटकाए है। फुटेज से यह भी तथ्य सामने आया है कि वारदात के वक्त छह डकैत दूकान के अंदर जबकि तीन नीचे गली में उन्हें कवर करने के लिए मौजूद थे। अब तक की छानबीन के आधार पर 17 संदिग्धों से पूछताछ की गई है।
पूर्वांचल के विभिन्न जिलों के अलावा पश्चिमी यूपी और बिहार से भी घटना के तार खंगाले जा रहे हैं। शहर में चौक, दालमंडी, कोतवाली, दशाश्वमेध और लक्सा क्षेत्र के दर्जन भर से अधिक ठिकानों पर दबिश का सिलसिला पूरी रात चला।
पुलिस की एक टीम रविवार को जिला कारागार भी पहुंची। वहां बंद लूट, डकैती और छिनैती के आरोपियों से करीब तीन घंटे तक पूछताछ की। हालांकि कोई ठोस सुराग हाथ लगने की बात सामने नहीं आई लेकिन पुलिस सूत्रों ने जल्द ही घटना की तह तक पहुंचने का दावा किया है।
प्रभारी एसएसपी आशीष तिवारी का कहना है कि घटना से जुड़े सभी पहलुओं पर छानबीन की जा रही है। पुलिस की कोशिश है कि जल्द से जल्द वर्कआउट हो।